श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में कथित तौर पर दो नागरिकों की मुठभेड़ में मौत के बाद बवाल मचा हुआ है. हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने शुक्रवार (19 नवंबर) को बंद का आह्वान किया है, तो नेशनल कॉन्फ्रेंस और गुपकार गठबंधन में शामिल दलों ने भी मृतकों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन शुरू कर दिये हैं.
इस बीच, हैदरपोरा मुठभेड़ में मारे गये नागरिकों मोहम्मद अल्ताफ भट और मुद्दसिर गुल के शवों को बृहस्पतिवार को अधिकारियों ने जमीन से खोदकर बाहर निकाला, ताकि उन्हें उनके परिवारों को सौंपा जा सके. यह जानकारी अधिकारियों ने दी है.
अधिकारियों ने बताया कि सूर्यास्त के बाद उनके शवों को बाहर निकाला गया और रात में शवों को उनके परिवार को सौंप गदिया जायेगा. पिछले वर्ष मार्च में कोविड-19 महामारी फैलने के बाद से ऐसा पहली बार हुआ है, जब पुलिस की निगरानी में दफनाये गये शव को उनके परिजन को लौटाया जा रहा है.
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अधिकारियों ने बताया कि हंदवाड़ा से शवों को श्रीनगर लाया जा रहा है, जिसके साथ पुलिस की टीम भी है. शुरू में शवों को हंदवाड़ा में ही दफनाया गया था. सुरक्षा बलों का दावा था कि ये दोनों आतंकवादियों के मददगार थे, जबकि हुर्रियत और नेशनल कॉन्फ्रेंस समेत तमाम कश्मीरी दलों का कहना है कि ये दोनों आम नागरिक थे.
यहां बताना प्रासंगिक होगा कि जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (एलजी) मनोज कुमार सिन्हा ने इस मुठभेड़ की जांच के आदेश दिये हैं. जांच का जिम्मा श्रीनगर के एडीएम को सौंपा गया है. कहा गया है कि अगर जान-बूझकर नागरिकों को मारा गया होगा, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी.
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Posted By: Mithilesh Jha
