लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि देश के करोड़ों छात्र राजनीति नहीं, बल्कि समाधान चाहते हैं. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता ही सामान्य परिवारों के बच्चों के लिए आगे बढ़ने का सबसे अहम माध्यम है. इसलिए परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित बनाना समय की जरूरत है.
सरकार की तीन रणनीति- न्याय, सुरक्षा और सुधार
तेजस्वी सूर्या ने कहा कि मोदी सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं से निपटने के लिए 'जस्टिस, प्रोटेक्शन और रिफॉर्म' की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पेपर लीक मामलों में सीबीआई जांच, एफआईआर दर्ज करने और त्वरित गिरफ्तारी जैसे कदम उठाए गए। साथ ही छात्रों का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो, इसके लिए री-नीट परीक्षा रिकॉर्ड समय में कराई गई।
केंद्र सरकार केवल दोषियों को सजा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे परीक्षा तंत्र में व्यापक सुधार कर रही है. भविष्य में कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं (CBT) को बढ़ावा दिया जा रहा है और परीक्षा प्रणाली में शुरू से अंत तक सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय समिति बनाई गई है. एनडीए सरकार परीक्षा व्यवस्था को हमेशा के लिए मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है. - बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या
युवाओं की नजर संसद पर
बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि देशभर के युवा संसद की कार्यवाही देख रहे हैं और यह जानना चाहते हैं कि इस बहस से क्या ठोस समाधान निकलेगा. उन्होंने कहा कि छात्रों को इस बात से कोई मतलब नहीं कि किस सरकार के समय क्या हुआ. उनकी सबसे बड़ी चिंता यह है कि भविष्य में पेपर लीक कैसे रोका जाएगा और उनकी मेहनत सुरक्षित कैसे रहेगी.
प्रियंका गांधी ने सरकार पर बोला हमला
इससे पहले कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुईं, लेकिन किसी बड़े माफिया पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने दिल्ली में नीट अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और पूछा कि छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया. इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच लोकसभा में तीखी बहस देखने को मिली.
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