Amit Shah vs Rahul Gandhi: घुसपैठिए तय नहीं कर सकते कौन होगा CM-PM? चुनाव सुधार पर लोकसभा में घमासान, भिड़े अमित शाह और राहुल गांधी

Amit Shah vs Rahul Gandhi: लोकसभा में बुधवार को चुनाव सुधार पर जोरदार बहस हुई. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच एसआईआर के मुद्दे पर भिड़ंत हुई. अमित शाह जब भाषण दे रहे थे, तब बीच में ही राहुल गांधी ने उन्हें रोक दिया. उसके बाद शाह भी तमतमा गए और वोट चोरी के आरोप पर पलटवार करते हुए बताया देश में पहली वोट चोरी कब हुई?

Amit Shah vs Rahul Gandhi: गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में आरोप लगाया कि देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर झूठ फैलाया गया और जनता को गुमराह करने का प्रयास किया गया. उन्होंने सदन में, चुनाव सुधारों पर चर्चा पर जवाब देते हुए यह भी कहा कि संविधान का अनुच्छेद 327 निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची बनाने का पूर्ण अधिकार देता है. गृह मंत्री ने कहा, मैं सदन और देश की जनता को कहना चाहता हूं कि क्या घुसपैठिए तय करेंगे कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कौन होगा. शाह ने कहा कि यह एसआईआर मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया है. उन्होंने कहा कि विदेशी नागरिकों को भारत में मतदान करने का अधिकार नहीं दिया जा सकता.

अमित शाह ने राहुल गांधी पर बोला हमला, गृह मंत्री को नेता प्रतिपक्ष ने बीच में रोका

लोकसभा में चुनाव सुधारों पर बोलते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 5 नवंबर 2025 को, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हाइड्रोजन बम को डिफ्यूज किया. उन्होंने कहा कि हरियाणा में सिर्फ एक घर से 501 वोट डाले गए. EC ने सब कुछ साफ कर दिया. न तो घर और न ही वोटर नकली हैं. जब शाह चर्चा कर रहे थे, तब अचानक राहुल गांधी अपनी सीट पर खड़े हुए और शाह को रोकते हुए वोट चोरी पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा- मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बहस करते हैं. अमित शाह जी, मैं आपको 3 PC पर बहस करने का चैलेंज देता हूं, LoP राहुल गांधी ने चुनाव सुधारों पर HM शाह के भाषण में टोका. HM ने जवाब दिया, संसद आपकी मर्जी से नहीं चलेगी. मैं अपने भाषण का क्रम तय करूंगा.

जब आप हारते हैं, तो EC बेकार हो जाता है : शाह

लोकसभा में चुनाव सुधारों पर बोलते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में, LoP ने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट ठीक नहीं है और इसे ठीक करने की जरूरत है. तो, SIR, यह वोटर लिस्ट को साफ करने का प्रोसेस है. जब हम प्रोसेस कर रहे हैं, तब भी वह विरोध कर रहे हैं…आपकी हार पक्की है; वोटर लिस्ट का इससे कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि BJP को कभी भी एंटी-इनकंबेंसी का सामना नहीं करना पड़ता. एंटी-इनकंबेंसी सिर्फ उनके खिलाफ होती है जो जनता के हित के खिलाफ काम करते हैं. यह सच है कि BJP को बहुत कम ही एंटी-इनकंबेंसी का सामना करना पड़ा…लेकिन ऐसा नहीं है कि हम 2014 के बाद कभी कोई चुनाव नहीं हारे…डेमोक्रेसी में दोहरे मापदंड नहीं चलेंगे. जब आप जीतते हैं, तो EC बढ़िया होता है. जब आप हारते हैं, तो EC बेकार हो जाता है और BJP के कहने पर काम करता है.

नेहरू का पीएम होना पहली वोट चोरी

लोकसभा में चुनाव सुधारों पर बोलते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, मैं आपको वोटर चोरी की 3 घटनाओं के बारे में बताना चाहूंगा. पहली, आजादी के बाद, देश का PM चुना जाना था. सरदार पटेल को 28 वोट मिले और जवाहरलाल नेहरू को 2 वोट मिले. लेकिन जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री बन गए.

BJP-NDA कभी चर्चा से नहीं भागता : शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा- मैं यह साफ करना चाहता हूं कि संसद इस देश में चर्चा के लिए सबसे बड़ी पंचायत है. BJP-NDA कभी चर्चा से नहीं भागता. विषय चाहे जो भी हो, हम संसद के नियमों के अनुसार हमेशा चर्चा के लिए तैयार रहते हैं. दो दिन तक, हमने विपक्ष से कहा कि यह इस पर बाद में, दो सेशन के बाद चर्चा होनी चाहिए. लेकिन वे नहीं माने. हम मान गए. हमने नहीं क्यों कहा? नहीं के दो कारण थे. एक, वे SIR पर चर्चा चाहते थे. मैं बहुत साफ हूं कि इस सदन में SIR पर चर्चा नहीं हो सकती. SIR चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है. भारत का EC और CEC सरकार के तहत काम नहीं करते हैं. अगर चर्चा होती है और सवाल उठते हैं, तो इसका जवाब कौन देगा? जब उन्होंने कहा कि वे चुनाव सुधारों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं, तो हम तुरंत मान गए.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

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अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

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