Amit Shah in Rajasthan: लाल डायरी के अंदर काले कारनामे! गहलोत से बोले अमित शाह- हो जाए दो-दो हाथ

Amit Shah in Rajasthan: अमित शाह ने दावा किया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया, जबकि बीजेपी ने किसानों के लिए ढेर सारे काम किए और ढेर सारी योजनाएं लॉन्च कीं. कांग्रेस की सरकार थी, तो कृषि बजट 22 हजार करोड़ रुपये था, जिसे छह गुना बढ़ाकर एक लाख 25 हजार करोड़ रुपये किया गया.

इस साल राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इससे पहले बीजेपी प्रदेश में पूरी तरह से सक्रिय हो गयी है. इस क्रम में शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह प्रदेश में नजर आये. शाह ने राजस्थान के गंगापुर सिटी शहर में ‘सहकार किसान सम्मेलन’ को संबोधित किया और कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमला किया.

‘सहकार किसान सम्मेलन’ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आजकल राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लाल डायरी से बेहद डरे हुए हैं लेकिन वे डर क्यों रहे हैं?…लाल डायरी के अंदर काले कारनामे छुपे हुए हैं. लाल डायरी में करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार का ब्यौरा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारे अंतरिक्ष मिशन को नई गति और ऊर्जा दी…आज मैं नारे लगाने वालों से कहना चाहता हूं कि नारे लगाने की बजाय चंद्रयान को आगे बढ़ाया होता तो नारे लगाने की नौबत नहीं आती.

गहलोत को इस्तीफा देकर चुनाव मैदान में उतरने की चुनौती

केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कथित ‘लाल डायरी’ के मुद्दे को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर शनिवार को निशाना साधा और उनसे इस मुद्दे पर इस्तीफा देकर चुनाव मैदान में उतरने को कहा. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार ने किसानों के लिए ढेर सारे काम किए हैं. उन्होंने कहा कि आजकल गहलोत साहब लाल डायरी से बहुत डर रहे हैं. क्यों डर रहे हैं भला… जरा बताओ तो राजस्थान वालों? …डायरी का आगे का कलर लाल है, अंदर काले कारनामे छिपे हुए हैं. अरबों, करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार का कच्चा-चिट्ठा… उस लाल डायरी के अंदर है.

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आगे केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं गहलोत साहब से कहने आया हूं कि चंद लोग भेजकर नारे लगाने से कुछ नहीं होता… जरा भी शर्म बची है, तो लाल डायरी के मुद्दे पर इस्तीफा देकर चुनाव के मैदान में आइए… हो जाए दो-दो हाथ… अपने संबोधन के आखिर में बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि घर में कोई भी डायरी हो, उसका रंग लाल मत रखना. गहलोत जी नाराज हो जाएंगे.

‘लाल डायरी’ का मुद्दा

आपको बता दें कि राजस्थान के बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने 24 जुलाई को विधानसभा में कथित ‘लाल डायरी’ का मुद्दा उठाने की कोशिश की थी. इसके बाद सदन में ‘असहज दृश्यों’ के बीच उन्हें राज्य विधानसभा से निलंबित कर दिया गया था. शाह के संबोधन की शुरुआत में कुछ लोग नारेबाजी करते दिखाई दिए थे. शाह ने इसकी तरफ इशारा करते हुए बाद में कहा कि जो लोग नारे लगा रहे थे, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि कि नारे लगाने की जगह चंद्रयान को आगे बढ़ाया होता, तो आज नारे लगाने की नौबत नहीं आती. सहकारिता मंत्रालय बनाया होता, किसानों का कल्याण किया होता, तो आज नारे लगाने की जरूरत नहीं पड़ती.

प्रधानमंत्री मोदी जी ने अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया

शाह ने आगे कहा कि 75 साल से देश के किसान अलग सहकारिता मंत्रालय की मांग कर रहे थे… प्रधानमंत्री मोदी जी ने उस मांग को पूरा कर अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया. मोदी जी जब से प्रधानमंत्री बने हैं, ढेर सारे ऐसे काम जो देश में कभी नहीं हुए, वे अब हो रहे हैं. चंद्रयान-3 मिशन की सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले ही चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर हमारा चंद्रयान तिरंगा लहराते हुए पहुंच गया. समग्र देश में एक तरह से नयी ऊर्जा और नये विश्वास का संचार हुआ है.

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उन्होंने कहा कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के रहस्य, रहस्य बने हुए थे. क्या दुनिया का कोई देश वहां पहुंच पाया. मोदी जी ने हमारे अंतरिक्ष मिशन को नयी गति, नयी ऊर्जा दी और आज भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहली बार पहुंचने वाला देश बना है. यह समग्र देश के लिए गौरव का विषय है. कार्यक्रम में अमित शाह के साथ लोकसभा सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया और जसकौर मीणा, राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा तथा नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ भी मौजूद थे.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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