Cyclone Biparjoy को लेकर अमित शाह ने की हाईलेवल मीटिंग, आपदा प्रबंधन के लिए 8000 करोड़ के बजट का किया एलान

Cyclone Biparjoy: चक्रवात बिपरजॉय की तैयारियों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज यानी मंगलवार को समीक्षा बैठक की. बैठक में गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल और चक्रवात से संभावित रूप से प्रभावित होने वाले 8 जिलों के सांसद भी शामिल हुए.

Cyclone Biparjoy: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज यानी मंगलवार को चक्रवात बिपरजॉय की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की. अमित शाह के साथ बैठक में गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल और इस चक्रवात से संभावित रूप से प्रभावित होने वाले 8 जिलों के सांसद भी वर्चुअल रूप से मीटिंग शामिल हुए. गौरतलब है कि अरब सागर में उठा अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान बिपरजॉय तेजी से महाराष्ट्र और गुजरात के तटों की ओर बढ़ रहा है.मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक 15 जून को यह बंदरगाह से टकरा सकता है.

आपदा प्रबंधन के लिए 8000 करोड़ के योजनाओं की घोषणा
बैठक में गृह मंत्री ने आपदा प्रबंधन के लिए 8000 हजार करोड़ रुपये की तीन अहम योजनाओं की भी घोषणा की. एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमित शाह ने राज्यों में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 5000 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू करने की बात कही. इसके अलावा सात सबसे अधिक आबादी वाले महानगरों, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद और पुणे  कोलकाता के लिए 2500 करोड़ रुपये की परियोजना. इसमें शहरी बाढ़ के जोखिम को कम करने और भूस्खलन शमन के लिए 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 825 की राष्ट्रीय भूस्खलन जोखिम शमन योजना शामिल है.

भयंकर चक्रवाती तूफान में बदला बिपरजॉय
चक्रवाती तूफान बिपरजॉय कितना खतरनाक हो चुका है इसकी पता इसी बात से चल जा रहा है कि संभावित रूप से गुजरात के प्रभावित जिलों से 20000 से अधिक लोगों को निकाल लिया गया है. जूनागढ़ जिले में 500, कच्छ में 6786, जामनगर में 1500, पोरबंदर में 543, द्वारका में 4820, गिर-सोमनाथ में 408, मोरबी में 2000 और राजकोट में 4031 लोगों को निकाला गया

बिपारजॉय के कारण वीरान पड़ा है जखाऊ बंदरगाह
बिपारजॉय चक्रवात के आने से पहले गुजरात के व्यस्ततम बंदरगाहों में से एक जखाऊ बंदरगाह पूरी तरह सुनसान पड़ा है, समुद्र अशांत है, तेज हवाएं चल रही हैं और भारी बारिश हो रही है. अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान बिपरजॉय के पंद्रह जून को बंदरगाह से टकराने का अनुमान है, जिसको देखते हुए आम लोगों को बंदरगाह के आसपास से हटा दिया है. मछली पकड़ने वाली सैकड़ों नावों को तट पर लाया गया है.बंदरगाह पर तैनात भारतीय तट रक्षक और सीमा सुरक्षा बल के जवानों को छोड़कर किसी को भी यहां प्रवेश करने की अनुमति नहीं है.

भाषा इनपुट के साभार

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Author: Pritish Sahay

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