अमरनाथ तीर्थ- बैद्यनाथ मंदिर और भगवद गीता का ज्ञान... तस्वीरों में देखिए राज्यों की भव्य झांकियों का नजारा

आज पूरा देश 74वां गणतंत्र दिवस की खुशी में सराबोर है. कर्तव्य पथ पर पहली बार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरंगा फहराया. गणतंत्र दिवस के मौके पर मिस्र के राष्ट्रपति अब्लेद फतह अल-सीसी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. गणतंत्र दिवस के मौके पर राज्यों की ओर से एक से बढ़कर एक झांकियां प्रस्तुत की गईं.

हरियाणा की ओर से पेश की झांकी भगवद गीता पर आधारित थी. झांकी में भगवान कृष्ण को अर्जुन के सारथी के रूप में सेवा करते हुए और उन्हें गीता का ज्ञान देते हुए दिखाया गया है. वहीं, ट्रेलर के किनारों पर बने पैटर्न महाभारत के युद्ध के विभिन्न दृश्यों को दिखाते हैं.

कर्नाटक की झांकी में प्रतीकात्मक रूप से राज्य की 3 महिलाओं की उपलब्धि हासिल करने वाली असाधारण उपलब्धियों को दर्शाती हैं. सुलागिट्टी नरसम्मा- एक दाई, तुलसी गौड़ा हलक्की जिन्हें वृक्ष माटे के नाम से जाना जाता है और सालूमरदा थिमक्का समाज में उनके निस्वार्थ योगदान के कारण प्रसिद्ध नाम हैं.

74वें गणतंत्र दिवस परेड में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की झांकी में नारी शक्ति को दर्शाया.

गणतंत्र दिवस परेड में उत्तर प्रदेश की झांकी में अयोध्या में मनाए जाने वाले तीन दिवसीय दीपोत्सव को दिखाया गया है.

केरल की पेश की गई झांकी में नारी शक्ति और महिला सशक्तिकरण की लोक परंपराओं को प्रस्तुत किया गया. ट्रैक्टर 2020 में नारी शक्ति पुरस्कार की विजेता कार्त्यायनी अम्मा को चित्रित करता है. उन्हें 96 वर्ष की आयु में साक्षरता परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया था.

जम्मू और कश्मीर की झांकी में पवित्र अमरनाथ तीर्थ और ट्यूलिप उद्यान और लैवेंडर की खेती को दिखाया गया.

झारखंड की झांकी में देवघर स्थित प्रसिद्ध बैद्यनाथ मंदिर को दिखाया गया. झांकी में सबसे आगे भगवान बिरसा मुंडा को दर्शाया गया.

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Author: Pritish Sahay

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