पकरीबरावां. पकरीबरावां थाना क्षेत्र के दत्तरौल गांव में बुधवार को घटी घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया. कर्मा एकादशी के अवसर पर स्नान करने और पूजा के लिए मिट्टी लाने गयीं पांच महिलाओं और बच्चियों में से चार की डूबकर मौत हो गयी. एक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. परिजनों की चित्कार और चीख-पुकार से गांव का माहौल गमगीन हो गया है. मातमी सन्नाटा पसरा रहा. ग्रामीणों के अनुसार, एक बच्ची को डूबता देख बाकी भी बचाने के लिए पानी में उतरीं और चारों ने अपनी जान गंवा दी. आहर की गहराई तीस से चालीस फीट तक बतायी जा रही है. एक साथ चार मौतों ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया. मृतकों के घरों से उठती करुण चीत्कार ने हर किसी की आंखें नम कर दीं. महिलाएं दहाड़ मारकर रो रही थीं, कई तो बेहोश होकर गिर पड़ीं. अन्य महिलाएं उन्हें संभालने में जुटी रहीं.
पढ़ाई में तेज थी पूजा, बहन संग खोया जीवन
मृतका पूजा पासवान धेवधा कॉलेज पकरीबरावां में स्नातक फर्स्ट सेमेस्टर की छात्रा थी. पढ़ाई में वह काफी तेज थी. उसकी छोटी बहन अंबिका भी गांव के विद्यालय में छठी कक्षा की छात्रा थी. दोनों सगी बहनों की एक साथ मौत से परिवार ही नहीं, पूरा गांव सदमे में है.शंभू पासवान का घर उजड़ गया
दूसरी ओर शंभू पासवान की पत्नी ज्योति देवी और उसकी एकमात्र बेटी खुशी की मौत ने उसके पूरे परिवार को उजाड़ दिया. गांव के लोग बताते हैं कि शंभू का यह आघात इतना बड़ा है कि वह शब्द भी नहीं बोल पा रहा.नियति पर कोस रहे लोग
ग्रामीणों का कहना है कि यदि आहर की गहराई नियंत्रित होती तो शायद इतनी बड़ी त्रासदी नहीं होती. सभी लोग ठेकेदारों द्वारा मानक से अधिक मिट्टी निकालने को जिम्मेदार ठहरा रहे थे. नियति के इस खेल ने चार जिंदगी एक झटके में छीन ली.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
