आखिरी बार चाचा-बहन से मिलकर क्या बोले थे अजित पवार? फैमिली की दूरी हो रही थी कम, एक हो सकती थी NCP? लेकिन…

Ajit Pawar last Meeting with Sharad Pawar and Supriya Sule: महाराष्ट्र की राजनीति में NCP एक धुरी रही, जिसके दो नेता शरद पवार और अजित पवार थे. दोनों ने मराठा राजनीति की और मराठवाड़ा में सालों तक दबदबा बनाए रखा. लेकिन राजनीति का तकाजा दोनों नेताओं में दूरी ले आया. हालांकि, यह दूरी हाल के दिनों में मिटने लगी थी, लेकिन एक प्लेन हादसे में अजित पवार की मौत हो गई. हाल ही में अजित पवार ने चाचा शरद पवार और सुप्रिया सुले से एक आखिरी मुलाकात की थी.

Ajit Pawar last Meeting with Sharad Pawar and Supriya Sule: महाराष्ट्र की राजनीति में बुधवार सुबह एक दुखद खबर आई. राज्य के उपमुख्यमंत्री और फाइनेंस मिनिस्टर अजित पवार की एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई. वे एक चार्टर्ड विमान से मुंबई से बारामती जा रहे थे, जहां उन्हें जिला परिषद चुनाव से जुड़ी एक जनसभा में शामिल होना था. बताया जा रहा है कि लैंडिंग के समय विमान रनवे पर फिसल गया और बड़ा हादसा हो गया. उनके जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं. जैसे अब NCP की कमान कौन संभालेगा? उनके गुट का क्या होगा? भले ही राष्ट्रवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (NCP) शरद पवार और अजित पवार के दो गुटों में बंटी हो, लेकिन हाल के दिनों में इन रिश्तों में नरमी आ रही थी. इसकी शुरुआत खुद अजित पवार ने की थी.

अजित पवार का राजनीतिक सफर जितना लंबा रहा, उतना ही उतार-चढ़ाव भरा भी. अपने चाचा शरद पवार की छत्र-छाया में उन्होंने राजनीति का ककहरा सीखा और राज्य की सत्ता के शीर्ष पर पहुंचे. हालांकि, फिर उन्हीं चाचा से उनका बिगाड़ हो गया. पार्टी टूट गई. 2023 में उन्होंने अपने गुट के साथ अलग राह पकड़ी और राज्य की सरकार को समर्थन दिया, तब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) दो हिस्सों में बंट गई थी. 

इस फैसले से परिवार और पार्टी में दूरी बढ़ गई थी. लेकिन हाल के महीनों में हालात बदलते नजर आ रहे थे. कई मौकों पर अजित पवार अपने चाचा शरद पवार और चचेरी बहन सुप्रिया सुले के प्रति सम्मान जताते दिखे. पिंपरी-चिंचवड नगर निगम चुनाव में दोनों गुटों का साथ आना भी रिश्तों में आई नरमी का संकेत माना गया.

चुनाव आयोग ने अजित पवार वाले गुट को ‘घड़ी’ चुनाव चिन्ह दिया था, जबकि दूसरे गुट को ‘तुरही’ निशान मिला. भले ही पार्टी दो हिस्सों में बंटी रही, लेकिन कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा थी कि परिवार के रिश्ते धीरे-धीरे फिर से सामान्य हो रहे हैं. 

दरअसल, पुणे नगर निगम के नतीजों ने पवार परिवार के लिए बड़ा झटका दिया. यहां बीजेपी ने 119 सीटें जीतकर स्पष्ट बढ़त बनाई. अजित पवार की एनसीपी 27 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि शरद पवार की पार्टी सिर्फ तीन सीटों तक सिमट गई. कांग्रेस को 15 सीटें मिलीं. पिंपरी चिंचवड़ में भी बीजेपी ने 128 में से 84 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया. 17 जनवरीक पुणे और पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम चुनावों में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार से मुलाकात की. 

परिवार की मुलाकात, लेकिन विलय से इनकार

अजित पवार ने बताया था कि वे बारामती एक कृषि प्रदर्शनी में शामिल होने आए थे. जब उन्हें पता चला कि शरद पवार घर पर हैं, तो वे उनसे मिलने चले गए. बाद में दोनों नेताओं ने साथ मिलकर प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया. इसके बाद शरद पवार के घर पर एक बैठक हुई, जिसमें सुप्रिया सुले, रोहित पवार और जयंत पाटिल भी मौजूद थे. तब अजित पवार ने कहा कि परिवार में एकजुटता है. हालांकि, उस दौरान उन्होंने दोनों पार्टियों के विलय की अटकलों को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया.

हार की समीक्षा और बीजेपी की सराहना

अजित पवार ने चुनाव में बीजेपी के प्रदर्शन की खुलकर तारीफ की थी. उन्होंने कहा था कि यह जीत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व का नतीजा है. ईवीएम को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि हार के बाद ऐसे आरोप लगते रहते हैं, इसलिए वे इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहते. उन्होंने माना कि मीडिया और उनकी पार्टी  का चुनावी अनुमान गलत साबित हुआ. दिलचस्प बात यह रही कि महायुति गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद पुणे में बीजेपी और शिवसेना अलग-अलग चुनाव लड़े, जबकि अजित पवार ने शरद पवार गुट के साथ तालमेल किया था.

हादसे में पांच लोगों की हुई मौत

अजित पवार का नाम महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा बार उपमुख्यमंत्री बनने वाले नेताओं में गिना जाता है, इसलिए उनका जाना राज्य की राजनीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. हादसे में सिर्फ अजित पवार ही नहीं, बल्कि विमान में सवार अन्य लोगों की भी जान गई. DGCA ने पांच मौतों की पुष्टि की है. एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे में अजित पवार के साथ, पायलट कैप्टन सुमित कपूर, कैप्टन संभवी पाठक, मुंबई पीएसओ HC विदीप जाधव, पिंकी माली और फ्लाईट अटेंडंट की भी मौत हो गई.  

सुप्रिया सुले दिल्ली से बारामती रवाना

हादसे की खबर मिलते ही पवार परिवार में शोक छा गया. सुप्रिया सुले ने भाई अजित की मौत के बाद व्हाट्सएप स्टेटस लगाया कि ‘Devastated’. इसके बाद वह दिल्ली में बजट सेशल छोड़कर तुरंत बारामती के लिए रवाना हुईं. अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार भी वहां पहुंच रही हैं. पूरे महाराष्ट्र में इस खबर से गम का माहौल है और राजनीतिक हलकों में शोक व्यक्त किया जा रहा है.

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

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