एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने गुरुवार को नए वायुसेना प्रमुख का पदभार संभाल लिया है. उन्होंने आरकेएस भदौरिया की जगह ली है. वीआर चौधरी चीन के साथ जब तनाव चरम पर था, उस दौरान लद्दाख सेक्टर के प्रभारी थे. उनका पूरा नाम विवेक राम चौधरी है. वे भारतीय वायुसेना में 1982 में शामिल हुए थे. वे मिग-29 फाइटर जेट के पायलट रह चुके हैं. पिछले 39 साल के करियर में कई कमान और स्टाफ नियुक्तियां कर चुके हैं. वे इससे पहले तक सह-वायुसेना प्रमुख के तौर पर तैनात थे.
निवर्तमान वायु सेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया 42 साल की सेवा की बाद सेवानिवृत्ति हुए हैं. उन्होंने इस दौरान 36 राफेल और 83 मार्क1ए स्वदेशी तेजस जेट सहित दो मेगा लड़ाकू विमान के सौदों में अहम भूमिका निभाई थी. रिटायरमेंट से पहले उन्होंने दिल्ली में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए.
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आरकेएस भदौरिया का करियर ‘पैंथर्स’ स्क्वाड के साथ MIG-21 की उड़ान के शुरू हुआ था. आगे चलकर उसी एयरबेस पर और उसी स्क्वाड्रन के साथ ही उनका करियर समाप्त भी हुआ. उन्होंने 13 सितंबर को 23 वर्ग, हलवारा में वायु सेना प्रमुख के रूप में एक लड़ाकू विमान में अपनी अंतिम उड़ान भरी
एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने सितंबर 2019 में वायुसेना प्रमुख का पद संभाला था. उनको जून 1980 में भारतीय वायु सेना की लड़ाकू शाखा में शामिल किया गया था. अपने सेवाकाल के दौरान वह कई पदों पर रहे. उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रतिष्ठित ‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ पुरस्कार भी जीता.
करीब चार दशक की सेवा के दौरान भदौरिया ने जगुआर स्क्वाड्रन और एक प्रमुख वायु सेना स्टेशन का नेतृत्व किया. इसके अलावा, उन्होंने जीपीएस का इस्तेमाल कर जगुआर विमान से बमबारी करने का तरीका भी खोजा.
Posted By: Achyut Kumar
