Hunger Strike: तमिलनाडु में गरमाई सियासत, AIADMK ने शुरू की भूख हड़ताल

कल्लाकुरिची जहरीली शराब कांड में सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है. इस मामले की सीबीआई जांच कराने को लेकर विपक्षी पार्टी के नेताओं ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है.

Hunger Strike: तमिलनाडु में कल्लाकुरिची जहरीली शराब कांड के बाद सियासत कम नही हो रही है. पूर्व मुख्यमंत्री पलानीस्वामी के नेतृत्व में विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने चेन्नई में भूख हड़ताल शूरू कर दी है. विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ता कल्लाकुरिची जहरीली शराब कांड की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं. भूख हड़ताल चेन्नई में राजरथिनम स्टेडियम में सुबह 9 बजे से शुरू की गई है. जिसमें काली शर्ट पहने, AIADMK विधायकों ने भी हिस्सा लिया है. राज्य विधानसभा में सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में विधायकों का निलंबन कर दिया गया था. जिसके विरोध में ये कार्यकर्ता प्रर्दशन कर रहे है. मुख्य विपक्षी दल के नेताओं का यह भी कहना है कि, यह उपवास राज्य विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने की ‘अनुमति न देने’ की निंदा करने के लिए भी है. तमिलनाडु के कल्लाकुरिची में जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक बुधवार शाम तक मरने वालों की संख्या 63 हो गई है.

विपक्ष का आरोप ध्यान भटकाने का काम कर रही है सरकार

कल्लाकुरिची जहरीली शराब कांड को लेकर मुख्य विपक्षी दल लगतार सरकार पर हमलावार है. विपक्षी दल के नेताओं के अनुसार भूख हड़ताल राज्य विधानसभा में इस मुद्दे को उठाने की ‘अनुमति न दिए जाने’ की निंदा के लिए भी की जा रही है. AIADMK पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी ने बुधवार को कहा था कि इस मामले में अब तक कुल 60 से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है. फिर भी सरकार जहरीली शराब त्रासदी पर बहस से इनकार कर रही है. इसके साथ ही इनके खिलाफ़ आवाज़ उठाने अन्नाद्रमुक विधायकों को निलंबित किया जा रहा है जो कि लोकतंत्र के खिलाफ है. इसके आगे पूर्व मुख्यमंत्री ने सत्तारूढ़ द्रमुक सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि वह जहरीली शराब से हुई मौतों पर कार्रवाई करने के बजाए लोगों का ध्यान भटकाने का काम कर रही है.

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अब तक 220 से ज्यादा लोग हो चुके हैं बीमार

कल्लाकुरिची जहरीली शराब त्रासदी में अब तक बीमार होने वाले लोगों की संख्या 220 के पर हो चुकी है. राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल राज्य के अस्पतालों में कुल 78 लोगों का इलाज चल रहा है. इन लोगों में से 48 को सरकारी कल्लाकुरिची मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अधिकारियों ने बताया कि इन बीमार लोगों में से 66 को सरकारी कल्लाकुरिची मेडिकल कॉलेज से छुट्टी दे दी गई है. बीमार होने वाले लोगों में पुडुचेरी में 09 लोग, सेलम जिले में 18 लोग, रोयापेट्टा अस्पताल चेन्नई में एक व्यक्ति और विल्लुपुरम जिले में 02 है जिनका सरकारी अस्पतालों में इलाज चल रहा है. सरकारी आंकड़े के अनुसार राज्य में अब तक कुल 88 लोगों को छुट्टी दे दी गई है.

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Author: Kushal Singh

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