Agriculture: रक्षा मंत्रालय कैंटोनमेंट क्षेत्रों में आसपास के किसानों के बीच जैविक खेती को बढ़ावा देने का काम कर रहा है. इसके लिए जैविक खेती करने वाले किसानों से ही जैविक सब्जियां और श्री अन्न (ज्वार, बाजरा, रागी) खरीदा जा रहा है और इससे किसानों की आय बढ़ रही है और जवानों को ताजा और पौष्टिक भोजन भी मिल रहा है. इसके अलावा मिलेट से बने उत्पाद को सीएसडी कैंटीन में भी मुहैया कराने की दिशा में काम किया जा रहा है.
इससे जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा. शनिवार को रायसेन में ‘उन्नत कृषि महोत्सव 2026’ को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैविक खेती और श्री अन्न को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं. युवाओं को अन्य पेशे की तरह कृषि को भी अपनाना चाहिए. रक्षा मंत्री ने कहा कि किसान केवल अन्न नहीं उगाता, वह पूरी अर्थव्यवस्था, रोजगार और उद्योग–धंधों को उगाता है.
अर्थव्यवस्था के प्राथमिक (खेती-पशुपालन), द्वितीयक (उद्योग) और तृतीयक (सेवाएं) तीनों क्षेत्रों की जड़ें किसान की जमीन से जुड़े हैं. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे ड्रोन, सेंसर, मोबाइल तकनीक, स्मार्ट फार्मिंग, बिना मिट्टी की खेती, संरक्षित खेती, बागवानी और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप और इनोवेशन के साथ कृषि से जुड़ें, क्योंकि कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं. गांव का नौजवान जितना जुड़ता जाएगा, उतनी ही नयी तकनीक और अधिक आमदनी के रास्ते खुलते खुलेंगे.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है.
हर राज्य के लिए बनाया जा रहा है कृषि रोडमैप
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित, समृद्ध, गौरवशाली और आत्मनिर्भर भारत बनाने काम हो रहा है. देश के लिए रक्षा और कृषि दोनों समान तौर पर महत्वपूर्ण स्तंभ हैं. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में देश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है.
अब भारत की नीति साफ है कि हम किसी को छेड़ते नहीं, लेकिन यदि कोई हमें छेड़ेगा तो उसे छोड़ा भी नहीं जाएगा. इसी मजबूत रक्षा-नीति के साथ किसान और कृषि के विकास का बड़ा अभियान भी पूरी शिद्दत से चल रहा है. देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना, 140 करोड़ भारतीयों को पोषण-युक्त भोजन, फल-सब्जियां मुहैया कराना और विदेशों पर निर्भरता कम करना सरकार की प्राथमिकता है.
इसके लिए कृषि उत्पादन बढ़ाना, लागत घटाना और कृषि का विविधीकरण समय की मांग है. उन्होंने कहा कि उन्नत कृषि महोत्सव में इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल का लाइव डेमो दिखाया जा रहा है. वैज्ञानिक के मार्गदर्शन में इस मॉडल को अपनाने पर किसान एक एकड़ में दो लाख रुपये से अधिक की कमाई कर सकते हैं. इस मेले में देश के शीर्ष वैज्ञानिक, कृषि विशेषज्ञ और उन्नतशील किसान 20 विषयों जैसे हॉर्टिकल्चर, बागवानी, इंटीग्रेटेड फार्मिंग, मशीनों के उपयोग से लागत घटाने, ड्रोन के बहुआयामी उपयोग, बाजार से जुड़ाव और मिट्टी परीक्षण जैसे विषयों पर प्रशिक्षण देंगे.
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के निर्देश पर केंद्र सरकार हर राज्य का कृषि रोडमैप तैयार कर रही है, क्योंकि हर राज्य की परिस्थितियां और एग्रो–क्लाइमेटिक कंडीशंस अलग हैं.
