Video: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भावुक हुए अभिजीत दीपके के माता-पिता, आंखों से छलके खुशी के आंसू

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के माता-पिता भावुक हो गए और आंखों से खुशी के आंसू छलक उठे. उन्होंने कहा, "बेटे की मेहनत रंग लाई!"

मीडिया से बातचीत के दौरान दीपके के माता-पिता भावुक होते हुए बीते कठिन दिनों को याद किया. मां अनीता दीपके ने कहा, "मैं बहुत खुश हूं. मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है. कभी-कभी मुझे डर भी लगता था क्योंकि उसे पीटा गया था. मुझे हमेशा चिंता रहती थी कि उसके साथ क्या होगा. उन्होंने उसे थप्पड़ मारा. मुझे बहुत बुरा लगा. मैं सो नहीं पाई. मैं सुबह तीन-चार बजे तक जागती रही. मैं कुछ खा भी नहीं पाई. हम दोनों की भूख-प्यास उड़ गई थी और नींद भी नहीं आ रही थी. 7 जून के बाद से घर में किसी भी काम में मन नहीं लग रहा है. उसने बहुत बढ़िया काम किया है. वह अभी बहुत छोटा है, फिर भी उसने इतनी कम उम्र में इतना बड़ा काम कर दिखाया है. मुझे उस पर बहुत गर्व है."


"मच्छरों में सोना पड़ा, लेकिन आज बड़ी जीत हुई"

दीपके की मां ने भावुक होकर बताया कि उनके बेटे ने कई तरह की तकलीफें सही हैं. उसे मच्छरों के बीच सोना पड़ा और वह टाइफाइड जैसी बीमारी से भी जूझा. पिछले आठ महीनों से वह लगातार तनाव में था और चैन से सो भी नहीं पा रहा था. लेकिन आज उसने इन तमाम मुश्किलों को मात देकर एक बड़ी जीत हासिल की है.

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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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