Abhijit Dipke CJP Protest: प्रदर्शन के दौरान उस समय भ्रम की स्थिति बन गई जब CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने दावा किया कि संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. सोशल मीडिया पर भी यह भ्रामक खबर तेजी से फैलने लगी. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया. पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने के आरोप पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं. वे मंच पर ही मौजूद हैं.
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी छात्र, संसद में भी हंगामा
जंतर-मंतर से शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन की गूंज संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन दोनों सदनों में सुनाई दी. विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी. प्रदर्शनकारी छात्र और युवा परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग?
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके समर्थन में उतरे प्रदर्शनकारी छात्रों ने मांग रखी कि शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को तुरंत रिहा किया जाए.
सोनम वांगचुक ने जताई शामिल होने की इच्छा
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने चिकित्सा अधीक्षक से अनुरोध किया कि उन्हें 'अस्थायी रूप से' अस्पताल से बाहर जाने की अनुमति दी जाए ताकि वे इस मार्च में भाग ले सकें. वांगचुक ने कहा कि वे अब ठीक महसूस कर रहे हैं. हालांकि, अस्पताल के बुलेटिन के अनुसार उनके स्वास्थ्य मानक स्थिर हैं, लेकिन रक्त मानकों की निगरानी की जरूरत है.
नयी दिल्ली में सुरक्षा बल तैनात, मेट्रो स्टेशन बंद; इंटरनेट सेवाएं प्रभावित
सीजेपी के संसद मार्च और संसद के मानसून सत्र को देखते हुए नयी दिल्ली जिले में अर्धसैनिक बलों और पड़ोसी जिलों के पुलिसकर्मियों को तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई. एहतियात के तौर पर कई मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद कर दिए गए, जिससे यात्री अंदर ही फंसे रहे. स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए क्षेत्र के एक बड़े हिस्से में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं.
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