'आक्रमण' की तैयारी? पहलगाम हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने राफेल के साथ शुरू किया अभ्यास

Pahalgam Terror Attack: पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत पूरी तरह से एक्शन में आ गया है. पाकिस्तान को उसकी औकात बताने के लिए केंद्र सरकार ने कमर कस ली है. सिंधु जल संधि समाप्त करने के बाद भारत ने अटारी बॉर्डर को भी बंद कर दिया है. तनाव के माहौल के बीच भारतीय वायुसेना ने युद्धाभ्यास भी शुरू कर दिया है.

Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है. पाकिस्तान को सबक सिखाने की पूरी तैयारी शुरू कर दी गई है. गम और गुस्से के बीच भारतीय वायु सेना ने युद्धाभ्यास की तैयारी शुरू कर दी है. अभ्यास का नाम ‘आक्रमण’ दिया गया है. भारतीय वायु सेना राफेल लड़ाकू विमान के नेतृत्व में मध्य क्षेत्र में एक बड़े क्षेत्र में आक्रमण (हमला) अभ्यास कर रही है.

पहाड़ी और जमीनी हमले की कर रहे अभ्यास

भारतीय वायु सेना के पायलट जमीनी और पहाड़ी क्षेत्रों में हमले का अभ्यास कर रहे हैं. रक्षा सूत्रों ने एएनआई को बताया, “अत्याधुनिक तकनीक वाले लड़ाकू विमान जमीनी हमले और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध अभ्यास से जुड़े जटिल मिशनों को अंजाम दे रहे हैं.” भारतीय वायु सेना मेटियोर एयर टू एयर मिसाइलों और रैम्पेज और रॉक्स जैसी लंबी दूरी की उच्च गति वाली कम ड्रैग मिसाइलों को शामिल करके दक्षिण एशियाई क्षेत्र में अपने विरोधियों पर बढ़त बनाए हुए है. भारतीय वायु सेना राफेल विमान के दो स्क्वाड्रन संचालित करती है जो पश्चिम बंगाल के अंबाला और हाशिमारा में स्थित हैं. यह अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है. इस अभ्यास पर वायु सेना मुख्यालय की कड़ी निगरानी है। भारतीय वायु सेना के टॉप गन पायलट उच्च योग्य प्रशिक्षकों की कड़ी निगरानी में अभ्यास में भाग ले रहे हैं.

2019 में भारत ने किया था एयर स्ट्राइक

पुलवामा हमले के बाद फरवरी 2019 में भारत ने एयर स्ट्राइक किया था. भारतीय सेना पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंकवादी ठिकानों को तबाह कर दिया था. भारतीय वायु सेना ने 2019 में मिराज 2000 लड़ाकू जेट का इस्तेमाल किया था.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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