नयी दिल्ली : भारत में एक अरब 29 करोड़ से ज्यादा आधार 21 जून तक जनरेट किया जा चुका है. डिजिटल इंडिया ने कहा है कि इसका मतलब है कि भारत में 18 साल से अधिक आयु की 99 फीसदी वयस्क आबादी की डिजिटल पहचान है.
https://twitter.com/_DigitalIndia/status/1409466409466294274
डिजिटल इंडिया ने सोमवार को ट्वीट कर बताया कि ”1,295,143,392 आधार आज तक जनरेट हुआ. इसका मतलब है कि भारत में 18 वर्ष से अधिक आयु की 99 फीसदी वयस्क आबादी की डिजिटल पहचान है.” हालांकि, यह आंकड़ा 21 जून, 2021 का है.
हालांकि, समाचार लिखे जाने तक 28 जून, 2021 को एक अरब, 29 करोड़ 60 लाख 22 हजार 280 लोगों को नामांकित किया जा चुका है. वहीं, 3 करोड़ 71 लाख 32 हजार 210 लोगों का आधार अपडेट किया जा चुका है. जबकि, 9 अरब 37 करोड़ 94 लाख 16 हजार 525 ई-केवाईसी अब तक किया जा चुका है.
डिजिटल इंडिया के ट्वीट के बाद ट्विटर उपयोगकर्ताओं ने भी सवाल उठाने शुरू कर दिये हैं. एम कुमार ने कहा है कि डिजिटली इंडिया में हम कैसे सुरक्षित हैं. डेटा गोपनीयता अधिनियम में हम कितने मजबूत हैं? वहीं, बालकृष्ण यादव ने ट्वीट कर कहा है कि ”भारत में 90 फीसदी बांग्लादेशियों के पास वह भी है.”
https://twitter.com/MKumar52154228/status/1409466889705721857
मालूम हो कि भारत में 90 के दशक में कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने विभिन्न ई-गवर्नेंस परियोजनाएं शुरू कीं थी. हालांकि, ये ई-गवर्नेंस प्रोजेक्ट नागरिक-केंद्रित थे. भारत सरकार ने 2006 में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना की शुरुआत की. इसमें 31 मिशन मोड प्रोजेक्ट शुरू किये गये.
बाद में सूचना प्रौद्योगिकी के जरिये सार्वजनिक सेवाओं के पूरे पारिस्थितिक तंत्र को बदलने के लिए भारत सरकार ने डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए 2015 में लॉन्च किया है.
