झारखंड विधानसभा में गूंजा सोना नदी का मुद्दा: 6 साल से अधूरा पुल, खरसावां विधायक ने सरकार को घेरा

MLA Dashrath Gagarai: सरायकेला-खरसावां-सीनी मार्ग पर रायडीह के पास सोना नदी पर अधूरा पड़ा पुल अब क्षेत्र के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है. 6 साल पहले शुरू हुआ काम संवेदक की गड़बड़ी के कारण ठप है, जिससे हजारों ग्रामीणों को 20 साल पुराने डूबने वाले पुल के भरोसे रहना पड़ रहा है. स्थानीय विधायक दशरथ गागराई ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए नई निविदा (Tender) और जल्द निर्माण की मांग की है.

MLA Dashrath Gagarai, रांची (शचींद्र कुमार दाश): सरायकेला-खरसावां-सीनी मार्ग पर रायडीह गांव के समीप सोना नदी में नये पुल निर्माण की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है. क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी समस्या को देखते हुए स्थानीय विधायक दशरथ गागराई ने शुक्रवार को विधानसभा में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया. उन्होंने सरकार का ध्यान अधूरे पड़े निर्माण कार्य की ओर आकृष्ट करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की.

छह वर्ष से अधूरा निर्माण

विधायक ने सदन में बताया कि रायडीह गांव के पास सोना नदी पर पुल निर्माण का कार्य करीब छह वर्ष पूर्व पथ निर्माण विभाग द्वारा शुरू किया गया था, लेकिन विभिन्न कारणों से बीच में ही रुक गया. धोखाधड़ी के एक मामले में वित्त विभाग द्वारा संबंधित संवेदक को प्रतिबंधित किए जाने के कारण कार्य पूरी तरह ठप हो गया. परिणामस्वरूप आज तक पुल अधूरा पड़ा है और जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है.

Also Read: जमशेदपुर के हरीश के देसी एआई को मिला ऑफर, भारतीय सेना और आयकर विभाग ने दिखाई दिलचस्पी

पुराने पुल पर निर्भर आवागमन

वर्तमान में करीब 20 वर्ष पुराने संकरे और कम ऊंचाई वाले पुल से आवागमन हो रहा है. इसकी ऊंचाई दस फीट से कम होने के कारण बारिश में पुल डूब जाता है और यातायात बाधित हो जाता है. इससे विद्यार्थियों, मरीजों, किसानों और दैनिक यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. कई बार लोगों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ता है.

नयी निविदा की मांग

विधायक ने सरकार से पुराने संवेदक की स्थिति स्पष्ट कर नए सिरे से निविदा प्रक्रिया शुरू करने की मांग की. उनका कहना है कि नया और ऊंचा पुल बनने से खरसावां व सीनी क्षेत्र के ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा तथा व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुगम होगी. यह परियोजना क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

Also Read: रफ्तार ने छीनी सांसें: पश्चिमी सिंहभूम में कॉलेज से घर लौट रही शिक्षिका को अज्ञात वाहन ने रौंदा, जांच में जुटी पुलिस

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >