बालेश्वर : भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम को अभेद्य बनाने की दिशा में स्वदेशी इंटरसेप्टर सिस्टम के कामयाब टेस्ट को बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि के लिए वैज्ञानिकों और देशवासियों को बधाई दी है. पीएम मोदी ने गुरुवार को अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि बलिस्टिक मिसाइल डिफेंस से जुड़ी क्षमता के कामयाब प्रदर्शन के लिए हमारे डिफेंस साइंटिस्ट्स को दिल से मुबारकबाद देता हूं… इस कदम के बाद भारत उन पांच देशों के ग्रुप में शामिल हो गया है, जिनके पास यह क्षमता मौजूद है…. यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है…
आपको बता दें कि भारत ने स्वदेश निर्मित सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का बुधवार को सफल परीक्षण किया. यह मिसाइल कम ऊंचाई पर आ रही दुश्मन की किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल को नष्ट कर देगा. मिसाइल को ओड़िशा के चांदीपुर में एकीकृत परीक्षण रेंज-3 से लॉन्च किया गया. यह बहु स्तरीय मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करने के प्रयासों का एक हिस्सा है.
खासियत
1. यह इंटरसेप्टर एक चरणीय ठोस रॉकेट प्रणोदक निर्देशित मिसाइल है
2. नौवहन प्रणाली, अत्याधुनिक कंप्यूटर और इलेक्ट्रो मेकैनिकल एक्टीवेटर से लैस
3. इंटरसेप्टर में हवा में निशाने को भेदने के लिए सुरक्षित डाटा लिंक, स्वतंत्र ट्रैकिंग क्षमता और आधुनिक रडार भी मौजूद
इससे पहले परीक्षण
इंटरसेप्टर ने 11 फरवरी को पृथ्वी के वायुमंडल से 50 किमी ऊपर, अधिक ऊंचाई पर एक प्रतिद्वंद्वी मिसाइल को भेदा था. इससे पहले 15 मई, 2016 को एएडी मिसाइल का परीक्षण किया गया था.
किसके पास है यह सिस्टम
फिलहाल, अमेरिका, रूस, इजरायल और चीन के पास इस तरह के सिस्टम हैं.
