..जब बेटे अपने पिता के शव को बांस के सहारे लटकाकर ले गये अस्पताल

भोपाल : मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिला सीधी में सोमवार को दो बेटों ने अपने पिता के शव को बांस के सहारे लटकाकर गांव से सरकारी अस्पताल ले गये और फिर पोस्‍टमार्टम के बाद वापस उसी तरह गांव ले गये. मीडिया में खबर आने के बाद इस घटना की काफी आलोचना हुई है. जानकारी […]

भोपाल : मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिला सीधी में सोमवार को दो बेटों ने अपने पिता के शव को बांस के सहारे लटकाकर गांव से सरकारी अस्पताल ले गये और फिर पोस्‍टमार्टम के बाद वापस उसी तरह गांव ले गये. मीडिया में खबर आने के बाद इस घटना की काफी आलोचना हुई है. जानकारी के अनुसार सेमरिया पुलिस थाना क्षेत्र के पोड़ी गांव में 105 साल के सियंवर की रविवार को संदिग्ध हालत में मौत हो गई. उनके लड़कों ने इसकी सूचना सेमरिया पुलिस चौकी में दी.

पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने का निर्देश दिया. सियंवर के दोनों लड़कों ने शव को अस्पताल तक ले जाने के लिए पुलिस के अलावा स्थानीय लोगों से भी मदद मांगी लेकिन जब किसी से मदद नहीं मिली तो वे शव को कपड़े में लपेट बांस से लटकाकर सेमरिया के सरकारी अस्पताल तक ले गए. अस्पताल में पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाया लेकिन शव को वापस गांव ले जाने की व्यवस्था करने से मना कर दिया. इस मामले में सीधी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कहते हैं कि जिले में कोई भी शव वाहन नहीं है.

बेटे जब पिता के शव को लेकर घर से अस्पताल और फिर वापस घर ला रहे थे उस दौरान गांव वालों ने मोबाइल पर तस्वीरें ले ली जिसके वायरल होने के बाद अधिकारी अब नया शव वाहन खरीदने की कवायद में जुट गये हैं. आपको बता दें कि ओडिशा के कालाहांडी जिले के भवानीपटना में एक आदिवासी को अपनी पत्नी के शव को अपने कंधे पर लेकर करीब 10 किलोमीटर तक पैदल चलने की घटना को लेकर ज्‍यादा ही बवाल हुआ था.

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