बंगाल चुनाव 2026 से पहले राज्यपाल सीवी आनंद बोस का इस्तीफा, ममता बनर्जी चिंतित

WB Governor CV Ananda Bose Resignation: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. बंगाल चुनाव 2026 से पहले राज्यपाल के इस्तीफे के बाद प्रदेश की राजनीतिक हलचल बढ़ गयी है. ममता बनर्जी ने अपनी प्रतिक्रिया में क्या कहा, यहां पढ़ें.

West Bengal Governor CV Ananda Bose Resignation: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. यह खबर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर ब्रेकिंग न्यूज के रूप में तेजी से फैल गयी. बताया जा रहा है कि बंगाल के गवर्नर ने दिल्ली के लोक भवन से राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा भेज दिया. बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की घोषणा से ठीक पहले राज्यपाल के इस्तीफे से बंगाल की राजनीतिक हलचल बढ़ गयी है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटनाक्रम पर तत्काल प्रतिक्रिया दी है, तो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है.

राज्यपाल के ओएसडी ने इस्तीफे की खबर को किया कन्फर्म

बृहस्पतिवार को राज्यपाल सीवी आनंद बोस के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) ने इस्तीफे की खबर को कन्फर्म किया. उन्होंने कहा- हम दिल्ली में हैं. राज्यपाल ने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति भवन भेज दिया है. लोक भवन के सूत्रों की मानें, तो राष्ट्रपति भवन ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है.

राज्यपाल के इस्तीफे पर ममता बनर्जी ने जतायी चिंता

राज्यपाल सीवी आनंद बोस के इस्तीफे पर ममता बनर्जी ने चिंता जतायी और कहा कि केंद्र सरकार ने उन पर इस्तीफे का दबाव बनाया. ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि राज्यपाल के अचानक इस्तीफे की वजह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए इस आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता कि केंद्र की ओर से उन पर दबाव बनाया गया हो.

तृणमूल जानती है दबाव बनाना – देवजीत सरकार

राज्यपाल के इस्तीफे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्य प्रवक्ता देवजीत सरकार ने कहा है कि राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है. देवजीत सरकार ने कहा कि भाजपा कामना करती है कि वे शीघ्र स्वास्थ्य लाभ करें. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर देवजीत सरकार ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस जानती है कि किसी पर दबाव कैसे बनाया जाता है. अगर बोस पर कोई दबाव बनाया गया है, तो उसके बारे में उन्हीं को स्पष्ट करना होगा. भाजपा इस संबंध में कुछ नहीं कह सकती. उन्होंने कहा कि इस्तीफे के जो भी कारण हैं, उस पर लोकसभा और सीवी आनंद बोस को बयान देना है.

17 नवंबर 2022 को राज्यपाल बने थे बोस

सीवी आनंद बोस को 17 नवंबर 2022 को बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था. उन्होंने 5 मार्च को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इस न्यूज को कई यूजर्स ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पॉलिटिकल कमेंट्स शुरू कर दिये. प्रिया कश्यप ने लिखा- बंगाल चुनाव से पहले राज्यपाल पद से इस्तीफा… कुछ तो गड़बड़ है. खबर फास्ट ने लिखा कि इस्तीफा राष्ट्रपति को भेज दिया गया है. दिल्ली दौरे के दौरान ही यह कदम उठाया गया. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले हलचल बढ़ गयी है.

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राज्य सरकार के साथ कई बार हुआ विवाद

आनंद बोस और पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के साथ उनके कई विवाद रहे. विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर की नियुक्ति, कानून-व्यवस्था और हाल के आरोपों से जुड़े मुद्दों पर कई बार राज्य सरकार और राज्यपाल आमने-सामने आये.

बंगाल की राजनीति में आ सकता है नया मोड़

सीवी आनंद बोस का इस्तीफा बंगाल की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है, क्योंकि चुनाव के समय राज्यपाल की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. समाचार लिखे जाने तक राष्ट्रपति भवन या केंद्र सरकार से आधिकारिक पुष्टि या वजह का ब्योरा नहीं आया है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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