लोकपाल, लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर न्यायालय ने केंद्र और राज्यों को नोटिस भेजा

नयी दिल्ली: तीन साल पहले लोकपाल कानून पारित होने के बाद लोकपाल और लोकायुक्तों की नियुक्ति की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने आज केंद्र और सभी राज्यों से जवाब मांगा.... न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति पी सी पंत की पीठ ने केंद्र और सभी राज्य सरकारों को जनहित याचिका पर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 14, 2016 6:40 PM

नयी दिल्ली: तीन साल पहले लोकपाल कानून पारित होने के बाद लोकपाल और लोकायुक्तों की नियुक्ति की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने आज केंद्र और सभी राज्यों से जवाब मांगा.

न्यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति पी सी पंत की पीठ ने केंद्र और सभी राज्य सरकारों को जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया. याचिका में सभी राज्यों को लोकायुक्तों के प्रभावी तरीके से काम करने के लिए पर्याप्त बजटीय आवंटन और आवश्यक आधारभूत संरचना प्रदान करने का निर्देश देने की मांग की गई है.
जनहित याचिका दिल्ली भाजपा नेता और अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दायर की है. इस जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि यद्यपि लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम 2013 को राष्ट्रपति की मंजूरी एक जनवरी 2014 को ही मिल गई थी और 16 जनवरी 2014 को यह कानून लागू हो गया लेकिन कार्यपालिका ने अब तक लोकपाल की नियुक्ति नहीं की है.
याचिका में कहा गया है, ‘‘लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम 2013 की धारा 63 में कहा गया है कि हर राज्य अधिनियम के लागू होने की तारीख से एक साल के भीतर लोकायुक्त नाम का निकाय गठित करेगा . हालांकि, कई राज्यों ने अब तक ऐसा नहीं किया है. कई राज्यों ने लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के अनुरुप लोकायुक्त अधिनियम नहीं पारित किया है.’ याचिकाकर्ता के अनुसार कई राज्य सरकार पर्याप्त आधारभूत संरचना, पर्याप्त बजट और कर्मचारी प्रदान नहीं करके जानबूझकर लोकायुक्त को कमजोर कर रहे हैं.