अहमदाबाद: विजय रुपानी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर रविवार को गांधीनगर में शपथ ली.उनके साथ नितिन पटेल ने राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसके साथ ही रुपानी मंत्रीमंडल में सीएम, डिप्टी सीएम को छोड़कर कुल 25 मंत्री शामिल किये गये है. विजय रुपानी के नये मंत्रीमंडल से आनंदीबेन पटेल के समय के कई दिग्गजों की छुट्टी हो गयी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीटकरविजय रुपानी को बधाई दी है.
पाटीदार आंदोलन का असर
राजनीतिक प्रेक्षकों की मानें तो नये कैबिनेट में पटेल आंदोलन की धमक साफ तौर देखी जा सकती है. रुपानी कैबिनेट में आठ पाटीदार मंत्रियों को शामिल किया गया है. रजनी पटेल और सौरभ पटेल उन दिग्गजों में शामिल है जिनको बाहर का रास्ता दिखाया गया है. माना जा रहा है कि पटेल आंदोलनों की वजह से इन्हें कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखाया गया है. कुल आठ मंत्रियों को रुपाणी कैबिनेट से बाहर किया गया हैं. जबकि पुराने मंत्रिमंडल के पंद्रह लोगों को शामिल किया गया है.
इन्हेंकियागया बाहर
भूपेंद्र सिंह चूडासमा, बाबू बोखरिया, दिलीप ठाकोर, आत्मराम परमार, गणपत वसावा, जयेश रादडिया और चिमन सापरिया.
रुपानी कैबिनेट
कैबिनेट मंत्री : भूपेंद्र सिंह चूडासमा, बाबू बोखिरिया, दिलीप ठाकोर, आत्मराम परमार, गणपत वसावा, जयेश रादडिया और चिमन सापरिया.
मिनिस्टर ऑफ स्टेट
निर्मला वाधवानी, वल्लभ काकडिया, राजेंद्र त्रिवेदी, केशाजी चौहान, रोहित पटेल, नानू वानानी, जयंती कावड़िया, शब्दशरण तडवी, जसा बराड, ईश्वर पटेल, जयद्रथ परमार, शंकर चौधरी, प्रदीप सिंह जडेजा, बचु खाबड़, वीवी बघासिया और पुरुषोत्तम सोलंकी
शपथ ग्रहण समारोह में कई दिग्गज रहे मौजूद
शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे. वित्त मंत्री अरुण जेटली, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी के अलावा भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे. इसके साथ ही एनडीए में शामिल अपना दल के नेता भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए.
इमरजेंसी में जेल जा चुके हैं रूपाणी
60 साल के रूपाणी का जन्म 2 अगस्त को 1956 रंगून में हुआ था. उनके पिता तब वहां कारोबार करते थे. 1960 में वेपरिवार के साथ राजकोट आ गये थे. 1980 मेंभाजपा में शामिल होने से पहले इमरजेंसी के दौरान रूपाणी मीसा के तहत जेल में जा चुके है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रूपाणी काफी आक्रामक नेता माने जाते हैं. वे आनंदीबेन सरकार में ट्रांसपोर्ट, वाटर सप्लाई, श्रम और रोजगार विभाग के कैबिनेट मंत्री रहे हैं. उन्हें नरेंद्र मोदी और अमित शाह का करीबी माना जाता है.
गौर हो कि शुक्रवार को विधायक दल की बैठक में अमित शाह ने ऐन वक्त पररणनीति बदलते हुए उनके नाम का एलान कियाथा. शनिवार को रूपाणी ने गवर्नर ओपी कोहली से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था.इससेपहले एक अगस्त को आनंदीबेन ने फेसबुक पर अपने इस्तीफे का एलान किया था.
