नयी दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी के पूर्वी दिल्ली से सांसद महेश गिरी ने आज जनता के नाम खुला पत्र लिख कर आम आदमी पार्टी के प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बहस की चुनौती दी है. महेश गिरी ने पत्र की कॉपी अपने टि्वटर एकाउंट पर भी पोस्ट की है. उन्होंने लिखा है कि अरविंद केजरीवाल आप 19 जून को शाम चार मुझे दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब में मुझसे बहस करें और खुद के द्वारा लगाये गये आरोपाें को साबित करें या फिर इस्तीफा दें. महेश गिरी ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि अगर मेरे ऊपर आरोप साबित हुए तो मैं अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा.
मालूम हो कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग को लिखे एक पत्र में महेश गिरी पर हत्या का आरोप लगाया था. महेशा गिरी ने केजरीवाल पर आरोप लगाने और भाग जाने का आरोप लगाते हुए इसे जनता के साथ अन्याय बताया है.
महेशा गिरी ने अरविंद केजरीवाल से पुराने रिश्तों का भी पत्र में उल्लेख किया है. उन्होंने लिखा है कि मेरी ईमानदारी और सच्चाई देख इंडिया अगेंस्ट करप्शन के आंदोलन में अरविंद केजरीवाल खुद मेरे पास मदद मांगने आये थे और उस आंदोलन को हमने मिल कर आयोजित किया था. महेश गिरी ने लिखा है कि जनलोकपाल नाम भी उन्हीं का दिया हुआ है. उन्होंने लिखा है कि खुद को ईमानदार बताने वाले अरविंद केजरीवाल आज सामने आकर अपनी ईमानदारी साबित करें.
महेश गिरी ने लिखा है कि अरविंद केजरीवाल के आरोप-प्रत्यारोप से उनका मन व्यथित हुआ है. उन्होंने लिखा है कि वे अबतक कन्या भ्रूण हत्या, युवा उत्थान, आदर्श गांव निर्माण, आरोग्य, सुराज्य, इंडिया अगेंस्ट करप्शन जैसे कई अभियानों से जुड़े रहे हैं और राष्ट्रसेवा को अपना जीवन समर्पित किया है. उन्होंने लिखा है कि 17 वर्ष की उम्र में ही अध्यात्मचिंतन, जनसेवा और राष्ट्रसेवा को जीवन समर्पित करने के लिए गृह त्याग किया था.
