नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दसवें सिविल सर्विस डे के अवसर पर दिल्ली के विज्ञान भवन में देश भर के अफसरों को संबोधित किया. प्रधानमंत्री ने इस दौरान अफसरों को उत्साहवर्द्धन किया और कहा कि मुझे आज तक अपने जीवन में कभी किसी अफसर को ढांटने की जरूरत नहीं पड़ी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं कभी अफसरों से निराश नहीं होता.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफसरों से कहा कि सीनियर और जूनियर वाला भाव नहीं होना चाहिए कि मेरे पास इतना लंबा अनुभव है. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सफलता इस बात में नहीं है कि मैं तुमसे ज्यादा जानता हूं, बल्कि हमारी सफलता इस बात में है कि मेरा अनुभव व ज्ञानऔर तुम्हारा अनुभव व ज्ञान एक हो जायें तो देश का इसी से भला हो जायेगा.
उन्होंने नयी पीढ़ी की तारीफ करते हुए कहा कि हमारे पर वह नहीं जो उनके पास है. उन्होंने तालमेल से काम करने की अपील की. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें गर्व है कि हमारे पास देश भर में इतने काबिल अफसर हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हर आदमी के अंदर परमात्मा है और कोई व्यक्ति कितना भी बुरा क्यों न हो वह कुछ न कुछ अच्छा करना चाहता है.
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे पास ऐसे लोग हैं जो पद का उपयोग देश को आगे ले जाने के लिए करते हैं. उन्होंने कहा कि रिफॉर्म परफाॅर्म से जुड़ा है, जब हम परफाॅर्म करेंगे तो रिफाॅर्म आयेगा.
उन्होंने छात्र जीवन की चर्चा की और कहा कि देश के हर जिले की जनता में विश्वास पैदा किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिंदगी वो ही जी सकते हैं जो कभी थकावट महसूस नहीं करते और रुकावट को भी अवसर समझते हैं.
पुरस्कार की तीन श्रेणियां :
सिविल सेवा डे पर प्रदान किया जाने वाला प्रधानमंत्री पुरस्कार कुल तीन श्रेणियों में है.
पहली श्रेणी में आठ पूर्वोत्तर राज्य, तीन पहाड़ी राज्य उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर शामिल हैं.
दूसरी श्रेणी में बाकी बचे 18 राज्यों को शामिल किया गया है.
तीसरी श्रेणी में सात केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है.
