77th Republic Day 2026: सेना, युवा, ब्रह्मोस, अपाचे, धनुष, राफेल, सुखोई की परेड, कर्तव्य पथ पर दिखी भारत की ताकत

77th Republic Day 2026 Live: भारत आज 26 जनवरी 2026 को अपना 77वाँ गणतंत्र दिवस मना रहा है. इसी दिन साल 1950 में देश का संविधान पूरी तरह लागू हुआ था. इस बार समारोह का मुख्य विषय ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’ रखा गया है. रिपब्लिक डे की सबसे बड़ी हाईलाइट- राजपथ (कर्तव्य पथ) पर होने वाली भव्य परेड की शुरुआत सुबह 9:30 बजे से हुई, जबकि टीवी पर यह 10:30 बजे से ब्रॉडकास्ट हुआ. इस वर्ष की परेड में देश की संस्कृति, सैन्य शक्ति और विविधता को दिखाते हुए कुल 30 झांकियाँ (टेबलॉ) पेश की गईं.

77th Republic Day 2026 Live: 77वां गणतंत्र दिवस 2026 भारत के इतिहास का एक अहम पड़ाव है. यह उस दिन की याद दिलाता है जब 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान पूरी तरह से लागू हुआ. इसी तारीख को भारत आधिकारिक रूप से एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य बना. भारत अपने 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार विकास की यात्रा, सांस्कृतिक विविधता और सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया. सोमवार, 26 जनवरी 2026 को होने वाली परेड में हाल ही में बनाई गई सैन्य इकाइयाँ भी नजर आईं. इसके साथ ही ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल किए गए प्रमुख हथियार प्रणालियों के मॉडल भी प्रदर्शित किए गए.

इस वर्ष समारोह का विषय ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ है. इस थीम को परेड के दौरान दिखाई जाने वाली कुल 30 झांकियों के माध्यम से पेश किए गए. इनमें से 17 झांकियाँ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की होंगी, जबकि 13 झांकियाँ अलग-अलग मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की तरफ से प्रदर्शित की गईं. भव्य गणतंत्र दिवस परेड की शुरुआत सुबह 9:30 बजे से हुई. इसका सीधा प्रसारण टीवी पर 10:30 बजे से शुरू हुआ.

नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले भव्य समारोह की अगुवाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया. इस खास मौके पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे. राष्ट्रपति ने देश को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शुभकामनाएं दी थीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ दीं. उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय पर्व, जो भारत के सम्मान, गर्व और गौरव का प्रतीक है, सभी के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह भर दे.

प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दिया और उसके बाद समारोह स्थल पर गणमान्य अतिथियों के साथ शामिल हुए. परंपरा के अनुसार, समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया. इसके बाद राष्ट्रगान हुआ और साथ ही 21 तोपों की सलामी दी गई. यह सलामी 105 मिमी लाइट फील्ड गन से दी गई, जो भारत में विकसित तोप प्रणाली है. यह सम्मान 1721 सेरेमोनियल बैटरी, 172 फील्ड रेजिमेंट की ओर से प्रस्तुत किया गया.

सरकार गणतंत्र दिवस समारोह के तहत हर साल आयोजित होने वाला ‘भारत पर्व’ भी शुरू करेगी. यह छह दिन का राष्ट्रीय सांस्कृतिक और पर्यटन उत्सव होगा, जो 26 जनवरी से लाल किले के मैदान में आयोजित किया जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्यक्रम का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत करेंगे.

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Published by: Anant narayan shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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