घायल युवक की मदद ना करने पर कांग्रेस ने की पुलिस वालों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग

भोपाल : एक मार्च को विधासभा भवन के बाहर घायल युवक की मदद ना करने पर कांग्रेस ने पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है. विधानसभा के बाहर बस और बाइक की टक्कर हो गयी थीए जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था लेकिन बाहर खड़े किसी पुलिसवाले […]

भोपाल : एक मार्च को विधासभा भवन के बाहर घायल युवक की मदद ना करने पर कांग्रेस ने पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है. विधानसभा के बाहर बस और बाइक की टक्कर हो गयी थीए जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था लेकिन बाहर खड़े किसी पुलिसवाले ने मदद नहीं की.

मध्यप्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता के. के. मिश्रा ने आज कहा, ‘‘एक मार्च को विधानसभा भवन के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिये, क्योंकि उन्होंने वहां बस और बाइक की दुर्घटना में सड़क पर लगभग आधा घंटे तक घायल पड़े रहे विकास नामक युवक की जानबूझकर मदद नहीं की. इसके बजाय वहां मौजूद पुलिसकर्मी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के काफिले को निकालने के व्यवस्था करने में और मुख्यमंत्री को सलाम ठोंकने में लगे रहे.’ उन्होंने कहा, ‘‘इस घटना के बारे में मुझे जैसी सूचना मिली है उसके अनुसार विधानसभा भवन के बाहर मुख्य सड़क पर लगभग 11.20 बजे यह हादसा हुआ.

लेकिन वहां ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने घायल युवक की कोई मदद नहीं की बल्कि मुख्यमंत्री के काफिले को रास्ता देने के लिए खून से सने घायल युवक और उसकी बाइक को सडक के किनारे कर दिया. ‘ उन्होंने बताया कि लोगों ने 11.28 बजे एम्बुलेंस के लिये 108 नंबर पर फोन किया जो वहां 11.40 बजे पहुंची. उन्होंने कहा कि इस बीच मुख्यमंत्री का काफिला 11.39 बजे वहां से निकला, काफिले को रास्ता देने के लिये पुलिसकर्मियों ने दर्ज से तड़प रहे और मदद के लिये गुहार कर रहे घायल विकास को सडक के किनारे कर दिया.
मिश्रा ने कहा कि यदि पुलिस ने विकास की तुरंत मदद कर उसे समय पर उपचार के लिएअस्पताल पहुंचाया होता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी. उन्होंने कहा कि बजट सत्र जारी रहने के कारण विधानसभा भवन के आसपास के इलाके में पुलिस की कड़ी चौकसी थी. पुलिस को विधानसभा की एम्बुलेंस बुलाकर घायल युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिये था. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार से मांग है कि घटना के वक्त वहां तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ भादवि की धारा 302 के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिये. एक मार्च को विधानसभा भवन के बाहर हुए हादसे में घायल विकास को पहले जेपी अस्पताल ले जाया गया. वहां से उसे नर्मदा अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गयी.
पुलिस उप महानिरीक्षक डॉ रमन सिंह सिकरवार ने बताया कि इस घटना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) संदीप यादव के नेतृत्व मे एक जांच गठित की गयी है. जांच रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में उचित कार्रवाई की जायेगी. पुलिस के अमानवीय रवैये पर उन्होंने कहा घायल की मदद के लिए हादसे के 11 मिनट बाद ही दो एम्बुलेंस घटनास्थल पर पहुंच गयी थीं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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