नयी दिल्ली :अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन के मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से रिपोर्ट मांगा है.साथ ही इस पूरे मामले में 29 जनवरी तक जवाब देने को कहा है.शीर्ष अदालत में अब इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार यानी एक फरवरी को होगी. उधर, इससे पहलेअरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री नबाम तुकी ने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने का विरोध करते हुए कहा है कि मैं आश्वस्त हूं कि कोर्ट से हमें न्याय मिलेगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लग जाने से जनता परेशान है. मुझे उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट से हमें न्याय मिलेगा. गवर्नर पर हमला करते हुए नबाम तुकी ने कहा कि जिस दिन से उन्होंने राज्य की कमान संभाली है वह सरकार के विरोध में काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि गवर्नर भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं.
मंगलवार को भी तुकी ने कहा था कि अरुणाचल में नियमों पर पालन नहीं हो रहा है. सरकार ने जो फैसला किया है, वो संवैधानिक नहीं है. हम इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे जहां से हमें न्याय मिलेगा. उन्होंने कहा कि आज ऐतिहासिक दिन है जब देश के सभी नागरिक गंणतंत्र दिवस का पर्व मना रहे हैं, उसी समय केंद्रीय कैबिनेट ने राज्य पर राष्ट्रपति शासन बलपूर्वक लगाने का निर्णय लिया है.
इस मामले पर कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी की सरकार ने लोकतंत्र की हत्या की है. यह सच है कि जब से मोदी की सरकार आयी है राजभवन आरएसएस प्रचारक का गढ़ गन गया है. अरुणाचल प्रदेश में क्या चल रहा है यह उसका साक्षात उदाहरण है.
आपको बता दें कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अरुणाचल प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए राष्ट्रपति शासन लागू करने की केंद्रीय कैबिनेट की सिफारिश को मंजूरी दे दी जिसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मामले को लेकर ट्वीट किया और मोदी सरकार पर हमला किया. केजरीवाल ने ट्वीट किया कि अरुणाचल में राष्ट्रपति शासन, आडवाणीजी सही कह रहे थे कि देश में आपातकाल जैसी स्थितियां हैं.
