असली नाम बताना राजन को महंगा पड़ा

नयी दिल्ली : इंडोनेशिया के बाली में आव्रजन अधिकारियों ने एक व्यक्ति से कतार से बाहर आने को कहा और फिर उसका नाम पूछा तो उसने अपना जो नाम बताया वह उसे मुसीबत में डालने के लिए काफी था. दरअसल इसी नाम ने मोहन कुमार उर्फ छोटा राजन को सुरक्षाकर्मियों के घेरे में ला दिया […]

नयी दिल्ली : इंडोनेशिया के बाली में आव्रजन अधिकारियों ने एक व्यक्ति से कतार से बाहर आने को कहा और फिर उसका नाम पूछा तो उसने अपना जो नाम बताया वह उसे मुसीबत में डालने के लिए काफी था. दरअसल इसी नाम ने मोहन कुमार उर्फ छोटा राजन को सुरक्षाकर्मियों के घेरे में ला दिया और उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया.

इंडोनेशिया में अपराध सरगना की गिरफ्तारी के बारे में ब्यौरा देते हुए सीबीआई सूत्रों ने आज बताया कि जब उससे बाली में आव्रजन अधिकारियों ने कतार से बाहर आने और अपनी पहचान बताने को कहा तो राजन ने मोहन कुमार की बजाय अपना असली नाम राजेन्द्र सदाशिव निकाल्जे बताया, जैसा उसके पासपोर्ट में दर्ज है.
सूत्रों ने बताया कि इतना सुनते ही इंडोनेशिया के अधिकारियों को विश्वास हो गया कि यह वही व्यक्ति है जिसके खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी किया गया है. अधिकारियों ने इसके बाद पहचान की प्रक्रिया शुरु की और नोटिस में दिए गए फिंगर प्रिंट्स के 18 प्वाइंट्स में से 11 का मिलान हो गया, जिससे उसकी पहचान की पुष्टि हुई.
सूत्रों ने कहा कि उसे जल्द रिमांड के लिए मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा. इस बीच सीबीआई मुख्यालय के सामने की सड़क पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है. दिल्ली पुलिस ने सड़क पर तीन स्थानों पर भारी बैरिकेडिंग की है. मुख्यालय के भीतर सीआईएसएफ, नगालैंड पुलिस और दिल्ली पुलिस के मुस्तैद कर्मी प्रवेश और निकास के सभी स्थलों की निगरानी कर रहे हैं.
सादे कपडों में विशेष प्रहरी पहली और दूसरी मंजिल की चौकसी कर रहे हैं, जहां अपराध सरगना को रखे जाने की उम्मीद है. हालांकि उसे एक सुरक्षित आवास में रखे जाने की अटकलें भी चर्चा में हैं.

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