सीएनजी घोटाले पर मनीष सिसोदिया की चिट्ठी को दरकिनार कर एसीबी ने चार्जशीट दाखिल की
नयी दिल्ली : सीएनजी फिटनेस घोटाले पर एंटी करप्शन ब्यूरो( एसीबी) ने चार्जशीट दाखिल कर दी है. यह घोटाला 2002 में हुआ था जिसमें 2 पूर्व आईएस अधिकारी सहित 9 अफसरों के नाम शामिल है. 2012 में इस घोटाले को आम आदमी पार्टी ही सामने लेकर आयी थी. इस घोटाले को लेकर दिल्ली सरकार काफी […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
नयी दिल्ली : सीएनजी फिटनेस घोटाले पर एंटी करप्शन ब्यूरो( एसीबी) ने चार्जशीट दाखिल कर दी है. यह घोटाला 2002 में हुआ था जिसमें 2 पूर्व आईएस अधिकारी सहित 9 अफसरों के नाम शामिल है. 2012 में इस घोटाले को आम आदमी पार्टी ही सामने लेकर आयी थी. इस घोटाले को लेकर दिल्ली सरकार काफी सख्त थी.
केंद्रीय गृह मंत्रालय के आपत्ति के बावजूद इस घोटाले की जांच की लेकिन इसे लेकर अब विवाद और बढ़ता नजर आ रहा है. मनीष सिसोदिया ने एसीबी की जांच पर सवाल उठाते हुए चिट्ठी लिखी थी कि जब इस पर न्यायायिक जांच हो रहीहैतो एसीबी द्वारा की जा रही जांच का क्या मतलब है. मनीष सिसोदिया ने इस पर सात सितंबर तक जवाब मांगा था. इसी बीच सिसोदिया की चिट्ठी को दरकिनार करते हुए एसीबी ने इस मामले में चार्चशीट दाखिल कर दी.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह साफ कर दिया है कि दिल्ली सरकार द्वारा बनाये गये जांच आयोग की कानूनी रूप से मान्यता नहीं है. इस मामले में उपराज्यपाल नजीब जंग के द्वारा दिये गये आदेश ही मान्य होंगे. दूसरी तरफ दिल्ली सरकार अपने रुख पर कायम है सरकार का कहना है कि उसने जांच के लिए जो कमेटी बनायी है वह कमीशन ऑफ इन्क्वायरी एक्ट 1952 के तहत कमेटी गठित की गयी है यह कानूनी रूप से बिल्कुल सही है. इस घोटाले में शीला सरकार के कई बड़े अफसरों के नाम भी शामिल है.