मेमन को फांसी का विरोध कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता राष्ट्रपति से मिलने में विफल रहे

नयी दिल्ली : मुंबई में 1993 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन की फांसी की सजा का विरोध कर रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं का एक समूह इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रपति से मिलने में नाकाम रहा. कई वरिष्ठ वकीलों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र जंतर-मंतर पर एकत्र हुए और इस मुद्दे को लेकर […]

नयी दिल्ली : मुंबई में 1993 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन की फांसी की सजा का विरोध कर रहे सामाजिक कार्यकर्ताओं का एक समूह इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रपति से मिलने में नाकाम रहा.

कई वरिष्ठ वकीलों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र जंतर-मंतर पर एकत्र हुए और इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलने का प्रयास किया.
उच्चतम न्यायालय की वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा, हम राष्ट्रपति से मिलने में सफल नहीं हुए. परंतु उसे तब तक फांसी नहीं दी जानी चाहिए जब तक मेमन की ओर से दायर ताजा दया याचिका पर राष्ट्रपति फैसला नहीं करते और उनकी राय से उसे (याकूब) अवगत नहीं करा दिया जाता. मेमन को कल सुबह सात बजे नागपुर की जेल में फांसी दी जानी है. उसने आज राष्ट्रपति के पास फिर से दया याचिका भेजी थी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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