नयी दिल्लीः अपने आप को आम आदमी कहने वाले और बड़े-बड़े दावे करने वाली आम आदमी पार्टी के विधायकों में सत्ता संभालते ही अब खास बनने की ललक दिखने लगी है.कभी गाड़ी-बंगले और तमाम सरकारी सुविधाओं से दूर रहने का दम भरने वाले नेताओं को अब ज्यादा सैलरी का लोभ सताने लगा है.
आम आदमी पार्टी (आप) के कई विधायकों ने वेतन बढ़ाए जाने की मांग की है. उनका कहना है कि उन्हें जितना दिया जाता है वह काफी कम है विधायकों का कहना है कि महंगाई बहुत ज्यादा है दिनभर लोगों से मिलने और चाय पानी और पेट्रोल में ज्यादा खर्च हो जाता है. दिल्ली सरकार ने इस संबंध में अबतक कोई टिप्पणी नहीं की लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने इसे लेकर विरोध करना शुरू कर दिया है विधायकों का कहना है कि अरविंद केजरीवाल को घोषणा करनी चाहिए कि वह एक रूपया वेतन लेंगे बाकि का पैसा जनकल्याण में खर्च होगा हम भी इसके लिए तैयार है.
''आप'' के विधायकों ने की वेतन बढ़ाने की मांग, भाजपा भड़की, बोली लाएंगे एक रुपये सैलरी का प्रस्ताव
नयी दिल्लीः अपने आप को आम आदमी कहने वाले और बड़े-बड़े दावे करने वाली आम आदमी पार्टी के विधायकों में सत्ता संभालते ही अब खास बनने की ललक दिखने लगी है.कभी गाड़ी-बंगले और तमाम सरकारी सुविधाओं से दूर रहने का दम भरने वाले नेताओं को अब ज्यादा सैलरी का लोभ सताने लगा है.आम आदमी पार्टी […]

फिलहाल विधायकों को 50 हजार रूपये महीना औऱ 30 हजार रूपये भत्ता मिलता है. अगर सरकार चाहे तो इस संबंध में आये प्रस्ताव को आगे भेजकर विधायकों की मांग को सहमति दे सकती है. लॉ डिपार्टमेंट इस संबंध में आगे प्रस्ताव भेजेगी यही विभाग विधायकों की सैलरी पर निर्णय लेता है. भाजपा ने विधायको की इस मांग पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली सरकार अपनी प्रथामिकता तय कर ले कि वह प्रचार में ज्यादा पैसे खर्च करेगी या विधायकों का वेतन बढ़ायेगी.
हालांकि आप की तरफ से बयान देते हुए सौरव भारद्वाज ने कहा कि आप के विधायकों ने सैलरी बढ़ाने की मांग नहीं की हां कुछ लोगो के द्वारा इस संबंध में चिंता व्यक्त की गयी है. कुल मिलाकर सैलरी बढ़ाने को लेकर आप एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गयी आम आदमी के नाम की राजनीति कर सस्ता में पार्टी के विधायक अब 83 हजार के मासिक खर्च को भी कम बता रहे हैं. इससे पहले 2011 में मुख्यमंत्री और विधायक के वेतन में बढोत्तरी की गयी थी