उच्च न्यायालय ने राज ठाकरे पर मुकदमा चलाने के लिए मांगा जवाब

नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज केंद्र सरकार को एक नोटिस जारी कर मनसे प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ 2008 में बिहारी विरोधी कथित टिप्प्णी करने के लिए मुकदमा चलाने की अनुमति देने के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने को कहा और मनसे नेता के गैर जमानती वारंट की तामील पर लगी रोक 12 […]

नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज केंद्र सरकार को एक नोटिस जारी कर मनसे प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ 2008 में बिहारी विरोधी कथित टिप्प्णी करने के लिए मुकदमा चलाने की अनुमति देने के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने को कहा और मनसे नेता के गैर जमानती वारंट की तामील पर लगी रोक 12 मई तक बढा दी.

न्यायमूर्ति मनमोहन सिंह ने कानून एवं न्याय मंत्रालय और गृह मंत्रालय को यह सूचित करने के लिए नोटिस जारी किया कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी के अनुरोध की स्थिति क्या है.अदालत का आदेश एक शिकायतकर्ता की ओर से दायर एक अर्जी पर आया जिसकी शिकायत पर निचली अदालत ने ठाकरे के खिलाफ सात अक्तूबर 2014 को गैर जमानती वारंट जारी किया था.
अर्जी शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता अजित शर्मा ने दायर की. इसमें आरोप लगाया गया है कि केंद्र को अभी ‘‘निर्णय करना है कि अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 196 के तहत मनसे प्रमुख के खिलाफ दो समूहों के बीच शत्रुता को बढावा देने के लिए मुकदमा चलाने की अनुमति देनी है या नहीं.अदालत ने इस बीच ठाकरे के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट पर रोक 12 मई तक के लिए बढा दी. अदालत ने इसके साथ ही ठाकरे के खिलाफ निचली अदालत में सुनवायी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी.

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