Corona Virus outbreak : कुआलालंपुर हवाई अड्डे पर फंसे 300 भारतीय, कहा - कोरोना के कहर से बचाय मोदी सरकार

कोरोना वायरस के प्रकोप से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए केंद्र ने संयुक्त सचिव और उससे ऊपर की रैंक के 30 अधिकारियों को मंगलवार को तैनात किया

नयी दिल्‍ली : कोरोना वायरस के चलते उड़ानें रद्द होने से केरल के कम से कम 300 लोग मलेशिया के कुआलालंपुर हवाई अड्डे पर फंसे हुए हैं. ये लोग फिलिपीन, कम्बोडिया और मलेशिया की यात्रा कर हवाई अड्डे पर पहुंचे हैं. इनमें कई छात्र भी शामिल हैं. विभिन्न समाचार चैनलों पर प्रसारित वीडियो में एक छात्रा कह रही है, हम फिलिपीन में पढ़ाई कर रहे हैं. कई उड़ानें रद्द हो गई हैं और हम कुछ घंटों से यहां फंसे हुए हैं. हम फिलिपीन वापस नहीं जा सकते और न ही भारत सरकार हमें लाने को तैयार है. हम भारतीय अधिकारियों से संपर्क की कोशिश कर रहे हैं. हम में से कोई भी फिलिपीन वापस नहीं जाना चाहता.

वहीं विदेश मंत्रालय ने छात्रों को दिल्‍ली और विशाखापत्तनम लाने के लिए एयर एशिया की उड़ानों को मंजूरी दे दी है. विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने कहा, कुआलालंपुर हवाई अड्डे पर वापसी के लिए प्रतीक्षा कर रहे भारतीय छात्रों और अन्य यात्रियों की सराहना की और कहा, मैं एयर एशिया की उड़ानों को आपकी मदद के लिए मंजूरी दे दी है.

वीडियो में कुछ लोगों ने कहा कि बोर्डिंग पास मिलने के बाद उन्हें बताया गया कि उड़ान रद्द कर दी गई है. यात्रियों ने कहा केरल, बेंगलुरू और चेन्नई को जाने वाली उड़ानें रद्द कर दी गई हैं. राज्यसभा सदस्य जोस के मणि ने कहा कि वह भारतीय अधिकारियों के संपर्क में हैं. एक अन्य वीडियो में एक महिला रोते हुए अधिकारियों से उन्हें इटली से बाहर निकालने की गुहार लगा रही है. महिला ने कहा, हमें केवल अपनी राज्य और केन्द्र सरकार से उम्मीद कर सकते हैं. हम यह जानना चाहते हैं कि क्या हम वापस आ पाएंगे.

केंद्र ने राज्यों की मदद के लिए 30 अधिकारियों को तैनात किया

कोरोना वायरस के प्रकोप से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए केंद्र ने संयुक्त सचिव और उससे ऊपर की रैंक के 30 अधिकारियों को मंगलवार को तैनात किया. देश में कोरोना वायरस के 137 मामले सामने आने और तीन लोगों की मौत होने के बाद यह कदम उठाया गया है. एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा, भारत सरकार ने भारत में कोविड 19 से प्रभावी ढंग से निपटने में राज्य सरकारों की मदद के लिए संयुक्त सचिव और उसके ऊपर के स्तर के 30 अधिकारियों को तैनात किया है. मालूम हो दुनियाभर में इस वायरस के कारण 7,100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 1,82,000 लोग इससे संक्रमित हैं.

कोरोना से मौत पर शवों के अंतिम संस्कार को लेकर दिशा-निर्देश

स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि कोरोना से संक्रमित व्यक्तियों की मौत के बाद शवों के अंतिम संस्कार को लेकर दिशा-निर्देश तय किये गए हैं. इनके तहत ऐसे मामलों को लेकर नियम स्पष्ट किये गये हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने लव अग्रवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 137 हो गई है और तीन संक्रमितों की मौत हो चुकी है.

अग्रवाल ने कहा, शवों के अंतिम संस्कार, संक्रमण को रोकने, एहतियाती कदमों और पर्यावरण को संक्रमण मुक्त बनाने को लेकर दिशा-निर्देश तय किये गए हैं. उन्होंने कहा, भारत में 137 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं. उनके संपर्क में आए 5,700 से अधिक लोगों की निगरानी की जा रही है.

अग्रवाल ने ये भी कहा कि निजी प्रयोगशालाओं में कोरोना वायरस की जांच भारतीय चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईसीएमआर) के दिशा-निर्देशों के मुताबिक योग्य चिकित्सक की सलाह पर ही की जानी चाहिये. उन्होंने कहा, कोरोना वायरस की जांच करने वाली सभी निजी प्रयोगशालाओं को वास्तविक समय पर इनकी जानकारी एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) और आईसीएमआर को देनी होगी.

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Author: ArbindKumar Mishra

Published by: Prabhat Khabar

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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