नयी दिल्ली : कांग्रेस ने विदेश सचिव पद से सुजाता सिंह को हटाए जाने के केंद्र के फैसले के समय पर सवाल उठाते हुए हैरानी जतायी कि क्या यह आईएफएस अधिकारी देवयानी खोबरागडे पर उनके रुख का बदला है. पूर्व सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘विदेश सचिव को बर्खास्त किया जाना कहीं देवयानी खोबरागडे पर उनके रुख का प्रतिशोध तो नहीं है? ओबामा के दौरे के बाद उनको हटाया जाना क्या ‘इत्तेफाक’ है ?’’
सरकार ने कल रात सुजाता सिंह की जगह अमेरिका में भारत के राजदूत एस जयशंकर को उनकी जगह नियुक्त कर दिया था. अमेरिका में खोबरागडे की गिरफ्तारी से राजनयिक विवाद उत्पन्न हो गया था और उस वक्त सुजाता विदेश सचिव थीं.
वीजा धोखाधडी के आरोपों में 1999 बैच की आईएफएस अधिकारी को 2013 में न्यूयार्क में गिरफ्तार किया गया था. इस घटना से दोनों देशों के बीच विवाद पैदा हो गया था और भारत ने अमेरिकी राजनयिकों को कई श्रेणियों में मिलने वाला दर्जा घटा दिया था। विदेश सचिव के तौर पर सुजाता सिंह ने मामले पर कडा कदम उठाया था.
