माघ मेले के दौरान टेनरियों में चर्म शोधन नहीं करने का निर्देश, 350 करोड का नुकसान

कानपुर: माघ मेले के गंगा स्नानों को देखते हुये क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शहर की टेनरियों (चमडा कारखानों) को स्नान के तीन दिन पहले अपनी टेनरियों में काम बंद करने का निर्देश दिया है, ताकि गंगा को प्रदूषण से बचाया जा सकें एवं स्नान करने वालो को साफ पानी मिल सके. ... शहर के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 3, 2015 5:03 PM

कानपुर: माघ मेले के गंगा स्नानों को देखते हुये क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शहर की टेनरियों (चमडा कारखानों) को स्नान के तीन दिन पहले अपनी टेनरियों में काम बंद करने का निर्देश दिया है, ताकि गंगा को प्रदूषण से बचाया जा सकें एवं स्नान करने वालो को साफ पानी मिल सके.

शहर के करीब 350 टेनरी मालिको ने प्रदूषण बार्ड के इस आदेश को आपसी सहमति के बाद मान लिया है. इसके तहत टेनरियों में आज से 17 फरवरी तक विभिन्न चरणों में 15 दिन कोई भी गीला काम नहीं होगा, जिससे टेनरियों का प्रदूषित पानी गंगा में नहीं जाने पाये. हालांकि, करीब पन्द्रह दिनों तक टेनरियों का काम बंद रहने से करीब 350 करोड रुपये का नुकसान होगा. इनके पास यूरोपीय देशों सहित अनेक देशों के करोडों रपये का आर्डर पडा है.

कानपुर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निदेशक टी यू खान ने आज एक न्यूज एजेंसी से विशेष बातचीत में कहा, कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और टेनरी मालिकों की बैठक के बाद यह निर्णय किया गया. टेनरी मालिकों की तरफ से जाजमउ इन्वायरमेंटल प्रोटेक्शन के इमरान सिददीकी ने प्रतिनिधित्व किया.

बैठक के बाद दोनो पक्षों में यह सहमति बनी कि आज से लेकर महाशिवरात्रि तक गंगा स्नान के मौके पर शहर की सभी 350 टेनरियां तीन-तीन दिन बंद रहेंगी.