असम से 20 विदेशी नागरिकों को निकाला गया, हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा-लातों के भूत बातों से नहीं मानते

Himanta Biswa Sarma : असम के मुख्यतमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा लगातार इस बात को दोहराते हैं कि असम में घुसपैठियों की वजह से वहां की डेमोग्राफी बिगड़ रही हैं. वे यह भी कहते रहे हैं कि वे असम में घुसपैठियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

Himanta Biswa Sarma : घुसपैठियों को असम में ठिकाना नहीं बनाने देने के अपने वादे पर टिके हिमंत बिस्वा सरमा ने यह जानकारी दी है कि राज्य से 20 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार करके बांग्लादेश भेज दिया गया है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर यह जानकारी दी है.

कुछ लोगों से सख्ती से पेश आना जरूरी

हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट लिखा है- कुछ लोगों के साथ सख्ती से पेश आना जरूरी होता है, क्योंकि लातों के भूत बातों से नहीं मानते. उन्होंने पोस्ट में लिखा कि घुसपैठियों को जब हम असम से बाहर निकालते हैं तो यह पंक्ति याद रखते हैं. उन्होंने जानकारी दी कि इसी तरह हमने 20 अवैध बांग्लादेशियों को वापस भेजा . हालांकि, उन्होंने अपने पोस्ट में यह नहीं बताया कि ये लोग कहां पकड़े गए थे और असम में किस तरह प्रवेश किया था.

घुसपैठियों के खिलाफ असम लड़ेगा

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि जो लोग गलत तरीके से असम में प्रवेश करते हैं उन्हें रोकने के लिए असम लड़ेगा. उन्होंने कहा कि असम लड़ेगा, कार्रवाई जारी रहेगी. असम के श्रीभूमि, कछार, धुबरी और दक्षिण सलमारा-मांकाचर जिलों की बांग्लादेश से लगती 267.5 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है.श्रीभूमि के सुतर्कांदी में एक एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) है. बावजूद इसके घुसपैठिए अवैध तरीके से यहां प्रवेश कर जाते हैं.

ये भी पढ़ें : RR के असिस्टेंट कोच विक्रम राठौर ने वैभव सूर्यवंशी को बताया स्पेशल खिलाड़ी, कहा- उसकी चोट बहुत गंभीर नहीं

मन की बात : पीएम मोदी ने कहा- विश्व की सबसे बड़ी जनगणना अपने देश में शुरू हो चुकी है, इसे सफल बनाएं

ट्रंप की पार्टी में गोली चलाने वाला आरोपी कोले टॉमस एलन पेशे से इंजीनियर, गेम डेवलपर के रूप में करता था काम

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >