रामसेतु को तोड़ने का सवाल ही पैदा नहीं होता: गडकरी
नयी दिल्ली : केंद्रीय जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने आज जोर देकर कहा कि सेतुसमुद्रम नौवहन नहर परियोजना के निर्माण के लिए राम सेतु के ढांचे को तोड़ा नहीं जाएगा. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के 100 दिन पूरे होने के मौके पर संवाददाता सम्मेलन में गडकरी ने कहा, राम सेतु को तोडने का सवाल […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
नयी दिल्ली : केंद्रीय जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने आज जोर देकर कहा कि सेतुसमुद्रम नौवहन नहर परियोजना के निर्माण के लिए राम सेतु के ढांचे को तोड़ा नहीं जाएगा.
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के 100 दिन पूरे होने के मौके पर संवाददाता सम्मेलन में गडकरी ने कहा, राम सेतु को तोडने का सवाल ही पैदा नहीं होता. सरकार ने परिवहन, बुनियादी ढांचा क्षेत्र में कार्यरत सार्वजनिक क्षेत्र के सलाहकार संगठन रेल भारत तकनीकी एवं आर्थिक सेवा (राइट्स) को इस ढांचे को बचाने के लिए विकल्प तैयार करने को कहा है. राम सेतु का हिंदुओं के लिए धार्मिक महत्व है. हिंदू मान्यता के अनुसार इस सेतु का निर्माण राम व उनकी वानर सेना ने लंका जाने के लिए किया था.
पिछले महीने मंत्री ने संसद में कहा था कि वह इस बात का प्रयास करेंगे कि यह नौवहन प्रणाली बिना ढांचे को नुकसान पहुंचाए बनाई जा सके. गडकरी ने कहा कि केंद्र सराकर राष्ट्रीय जलमार्गों के बेहतर विकास के लिए निकट भविष्य में जलमार्ग योजना पर भी विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि जलमार्ग से यात्रा की प्रति किलोमीटर लागत यदि 50 पैसे किलोमीटर बैठती है तो यह रेल से एक रुपये प्रति किलोमीटर व सड़क मार्ग से 1.50 रुपये प्रति किलोमीटर बैठती है.