नयी दिल्ली: भारतीय थल सेना के नवनियुक्त सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरावणे ने उत्तर-पूर्वी राज्यों में आतंकविरोधी अभियानों को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हमारी दो बटालियन पहले ही वहां से निकाली जा चुकी हैं. जैसे ही वहां बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल का चुनाव खत्म हो जाता है, हम सैनिकों की संख्या को और कम करेंगे. सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरावणे ने कहा कि अगले दो से ढाई साल में हमारा ध्यान उत्तरी-पूर्वी राज्यों में वॉरफेयर काम करने का होगा.
बता दें कि अभी हाल ही में पूर्वोत्तर राज्य असम में अलग-अलग उग्रवादी संगठनों के 600 से अधिक सदस्यों ने अपने हथियारों के साथ मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के सामने आत्मसमर्पण किया था. केंद्रीय गृहमंत्रालय, सेना और राज्य सरकार के लिये ये बड़ी उपलब्धि कही जा सकती है.
‘धारा 370 हटने का फायदा मिला’
सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरावणे ने जम्मू कश्मीर के ताजा हालात पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सूबे से अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बाद हालात में काफी सुधार हुआ है. कल यानी 28 जनवरी को ही उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैनी ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में वैसे तो हालात नियंत्रण में हैं लेकिन कई आतंकी कैंप दोबारा सक्रिय हो गये हैं. उन्होंने कहा कि हमें आतंकवाद से निपटने के लिए अपनी सैन्य क्षमता में और भी वृद्धि करनी होगी.
