जानिये,बेनीवाल की बर्खास्तगी के पीछे क्या है राज
मिजोरम की राज्यपाल कमला बेनीवाल बरखास्त,कांग्रेस ने कहा,बदले की कार्रवाई
नयी दिल्ली: मिजोरम की राज्यपाल कमला बेनीवाल की बर्खास्तगी के बाद अब राजनीति गर्म हो गयी है. नरेंद्र मोदी सरकार जहां बेनीवाल की बर्खास्तगी को संविधान के तहत बताया है तो वहीं कांग्रेस इसे संविधान की तौहीनी बताया है.कांग्रेस ने बेनीवाल की बर्खास्तगी को संविधान के विरुद्ध की गयी कार्रवाई बताया है. पार्टी ने भाजपा पर बदले की कार्रवाई का आरोप लगाया है. कांग्रेस ने कहा कि कमला बेनीवाल एक संवैधानिक पद पर आसीन थी और उन्हें बर्खास्त करना संविधान के विरुद्ध है.
बेनीवाल पर हैं गंभीर आरोप:वैंकया नायडू
इस मामले में कांग्रेस के प्रवक्ता अजय माकन ने कहा कि बेनीवाल को हटाया गया तो उन्हें गुजरात से मिजोरम क्यों भेजा गया था. माकन ने ट्वीट कर बेनीवाल का बचाव किया. उन्होंने भाजपा पर बदले की कार्रवाई करार दिया है.
* सरकार ने कहा बेनीवाल की बर्खास्तगी संविधान के तहत
मिजोरम की राज्यपाल कमला बेनीवाल की बर्खास्तगी पर उपजे राजनीतिक भूचाल के बारे में नरेंद्र मोदी सरकार ने साफ कर दिया है कि यह संविधान के तहत किया गया है. संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने सरकार की ओर से बयान दिया है. उन्होंने कहा कि बेनीवाल पर गंभीर आरोप लगे हैं. अत: बेनीवाल की बर्खास्तगी संविधान के दायरे में किया गया है.
* शिवसेना सरकार के साथ
बेनीवाल की बर्खास्तगी पर भाजपा की सहयोगी शिवसेना पार्टी सरकार के फैसले के पक्ष में खड़ी है. शिवसेना ने कहा कि मोदी सरकार ने बेनीवाल को बर्खास्त कर सही काम किया है. शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि बेनीवाल राज्यपाल कम राजनीति अधिक करती थीं. उन्होंने कहा कि जब नहीं सरकार बन गयी है,तो अगर सरकार राज्यपालों को बदलती है तो इसमें बुरा क्या है.
* सरकार के साथ एनसीपी नेता तारिक अनवर
बेनीवाल की बर्खास्तगी के बाद जारी ताजा विवाद के बीच एनसीपी नेता तारिक अनवर मोदी सरकार के पक्ष में खड़ा दिख रहें हैं. उन्होंने कहा कि तमाम मीडिया में बेनीवाल के खिलाफ हेलीकॉप्टर के दुरूपयोग की खबरें आ रही हैं. और राष्ट्रपति के पास किसी को हटाने का पुरा अधिकार है. अत: सरकार ने कुछ ससोच कर ही फैसला लियाय होगा.
