Middle East War: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के बीच भारत में एलपीजी (LPG) और एलएनजी (LNG) की आपूर्ति को लेकर भारक सरकार ने राहत वाला बयान दिया है. सरकार ने साफ किया है कि देश में गैस की कमी नहीं होगी. आपूर्ति लगातार बनी रहेगी और आम लोगों और उद्योगों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा. गुरुवार को सरकार के सूत्रों ने बताया कि…
- ऊर्जा सुरक्षा के मामले में भारत की स्थिति बेहद मजबूत है. वर्तमान में भंडार की स्थिति संतोषजनक है. भंडार की भरपाई प्रतिदिन की जा रही है.
- एलपीजी या एलएनजी की कोई कमी नहीं है. विश्व में कच्चे तेल की भी कोई कमी नहीं है. भारत अन्य आपूर्तिकर्ताओं के साथ भी संपर्क में है.
- ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने भी भारत को गैस बेचने की पेशकश की है. भारत अन्य वैकल्पिक स्रोतों की भी तलाश कर रहा है. हाल ही में भारत ने संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका के साथ एक नया अनुबंध किया है.
- भारत 195 मिलियन वर्ग मीटर प्रति माह गैस आयात करता है, जिसमें से कतर केवल 60 मिलियन वर्ग मीटर प्रति माह गैस की आपूर्ति करता है. भारत गैस खरीदने के लिए वैकल्पिक बाजारों की तलाश कर रहा है.
- भारत कच्चे तेल और एलपीजी की खरीद के लिए प्रमुख तेल उत्पादकों और व्यापारियों के साथ बातचीत कर रहा है.
- भारत अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) और पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) के साथ बातचीत कर रहा है.
- भारत जहाजों के बीमा के लिए अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है. भारत दिन में दो बार ऊर्जा स्थिति की समीक्षा कर रहा है.
भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार, मंत्रालय ने दी जानकारी
इससे पहले मंगलवार (3 मार्च) को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि भारत के पास पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन (एटीएफ) सहित सभी प्रमुख तेल उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है. उन्होंने कहा था कि बीते वर्षों में भारत ने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाकर आपूर्ति को सुरक्षित किया है. इसके चलते अब कंपनियों के पास ऐसे वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध हैं जो हॉर्मुज जलडमरूमध्य के मार्ग से गुजरते बिना ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित कर सकते हैं. पेट्रोलियम मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि सरकार स्थिति की निरंतर निगरानी कर रही है और आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है.
राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर लगाया समझौतावादी होने का आरोप
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका-इजराइल और ईरान में जारी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. राहुल गांधी ने उन्हें समझौतावादी कहा है. अपने बयान में कांग्रेस नेता ने कहा कि पीएम मोदी ने भारत की सामरिक स्वायत्तता का समर्पण कर दिया है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में कहा “विश्व एक अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुका है. समुद्री क्षेत्र में बड़ी चुनौतियां सामने हैं. भारत की तेल आपूर्ति खतरे में है, क्योंकि हमारा 40 प्रतिशत से अधिक तेल आयात हॉर्मुज जलडमरूमध्य के मार्ग से होकर गुजरता है. एलपीजी और एलएनजी की स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है. राहुल गांधी ने कहा कि हाल ही में हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत के डूबने से यह संघर्ष भारत की दहलीज तक पहुंच गया, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की.
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