मुंबई/नयी दिल्ली: महाराष्ट्र में गंठबंधन सरकार के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. शनिवार को इसमें दरार उस वक्त आ गयी जब उद्धव ठाकरे सरकार के कैबिनेट विस्तार के महज 5 दिन बाद ही मंत्री बने अब्दुल सत्तार ने पद से इस्तीफा दे दिया. वे शिवसेना कोटे से मंत्री थे. आपको बता दें कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार को बने लगभग एक महीने ही हुए हैं.
बताया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे सरकार में राज्य मंत्री के तौर पर शामिल किये गये अब्दुल सत्तार ने मांग रखी थी कि उन्हें कैबिनेट मिनिस्टर का रैंक दिया जाए. हालांकि फिलहाल सीएम उद्धव ठाकरे ने सत्तार का इस्तीफा मंजूर नहीं किया है. सूत्रों की मानें तो सत्तार को उनकी पसंद का मंत्रालय देकर मनाने का काम किया जाएगा.
यदि आपको याद हो तो अब्दुल सत्तार महाराष्ट्र ने विधानसभा चुनाव से पहले शिवसेना का दामन थामा था. कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के दौरान सत्तार पर ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ में शामिल होने का आरोप लगाया था और उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था.
लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने जालना और औरंगाबाद में जिन लोगों को मैदान में उतारा था, उनसे सत्तार नाराज थे.
उद्धव कैबिनेट से अब्दुल सत्तार के इस्तीफे पर बेटे समीर सत्तार ने कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है. इस संबंध में केवल वो ही (अब्दुल सत्तार) बता सकते हैं.मुझे उम्मीद है कि वे जल्द ही अपनी चुप्पी तोड़ेंगे. अच्छा है कि हम इंतजार करें.
