देश की राजधानी दिल्ली इन दिनों प्रदूषण की जबरदस्त चपेट में है. वायु प्रदूषण ने यहां के लोगों का जीना मुहाल कर रखा है और हर तरफ इसके चर्चे हैं. इसी बीच एक और खबर आयी है, जो दिल्लीवालों की परेशानी और बढ़ा सकती है.
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान ने शनिवार को दिल्ली समेत देशभर में 20 राज्यों से लिये गए पीने के पानी के नमूने की बहुप्रतीक्षित जांच रिपोर्ट जारी कर दी. राम विलास ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो (बीएसआई) के साथ बैठक बुलायी और सर्वे किया.
उन्होंने कहा कि दो समस्या सबसे बड़ी है एक पीने का पानी और प्रदूषण. जब तक हमारे पास मंत्रालय है, तब तक लोगों को स्वच्छ पानी पीने की व्यवस्था हो जाए. जो भी राज्य सरकार हमसे मदद चाहती है वो हमसे ले सकती है.
केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान नल के पानी की गुणवत्ता के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा जारी की गई मुंबई की रैंकिंग सबसे ऊपर है. निचले स्तर पर दिल्ली, 11 में से 11 नमूने 19 मापदंडों पर विफल रहे हैं.
पीने के पानी की गुणवत्ता की रैकिंग
- 1 मुंबई
- 2 हैदराबाद
- 3 भुवनेश्वर
- 4 रांची
- 5 रायपुर
- 6 अमरावती
- 7 शिमला
- 8 चंडीगढ़
- 9 त्रिवेंद्रम
- 10 पटना
- 11 भोपाल
- 12 गुवाहाटी
- 13 बेंगलुरु
- 14 गांधी नगर
- 15 लखनऊ
- 16 जम्मू
- 17 जयपुर
- 18 देहरादून
- 19 चेन्नई
- 20 कोलकत्ता
- 21 दिल्ली
उन्होंने कहा कि पीने के पानी की जांच तीन चरणों में की जाएगी. पहले चरण में सभी राजधानियों के पानी की जांच की जाएगी. दूसरे चरण में स्मार्ट सिटी के पानी की जांच की जाएगी. तीसरे चरण में सभी जिलों में पीने के पानी की जांच की जाएगी.
उन्होंने कहा, पीएम मोदी ने कहा था कि हम 2024 तक हर घर में साफ पानी पहुंचाएंगे. हमारी सरकार इस दिशा में काम कर रही है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुणवत्ता रिपोर्ट में बात सामने आयी है कि दिल्ली का पानी खराब है. हम किसी सरकार को दोष नहीं दे रहे हैं लेकिन दिल्ली सरकार यह समझे कि हम इस मुद्दे पर राजनीति नहीं कर रहे हैं, बल्कि हमारा मकसद लोगों तक साफ पानी पहुंचाना है.
