नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17-18 अगस्त को अपनी दो दिवसीय भूटान यात्रा पर रवाना होंगे. विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने ये जानकारी दी है. बता दें कि साल 2017 में डोकलाम में भारतीय और चीनी जवानों के बीच टकराव के बाद ये पीएम का भूटान का पहला दौरा होगा. इससे पहले मई में शपथ ग्रहण के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने पहले विदेश दौरे के लिए भूटान को ही चुना था.
इस समय जबकि चीन भूटान में हाईवे प्रोजेक्ट का निर्माण कर रहा है और सीमाई इलाकों में भारतीय सुरक्षातंत्र को चुनौती दे रहा है, ये बहुत जरूरी हो जाता है कि भारत अपने पड़ोसी राष्ट्रों के साथ निकटतम राजनैतिक, आर्थिक और कूटनीतिक संबंध बनाए रखे. पीएम मोदी के इस दौरे को इसी संबंध में देखा जा रहा है.
पनबिजली परियोजना का उद्घाटन
जानकारी के मुताबिक अपने भूटाने दौरे के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी भूटान में भारत की पनबिजली कंपनी एनएचपीसी के सहयोग से मध्य भूटान के ट्रोंगसा डोंग्खग जिले के मंंगदेछु नदी में 720 हजार मेगावाट की क्षमता वाली बिजली परियोजना का उद्घाटन करेंगे. कहा जा रहा है कि इस परियोजना की कुल लागत 1 बिलियन डॉलर है. उम्मीद जताई जा रही है कि इस परियोजना के शुरू होने के बाद दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ता मिलेगी.
गौरतलब है कि इससे पहले भूटान के एक स्थानीय समाचार पत्र ने कहा था कि पीएम मोदी के भूटान दौरे को लेकर नयी दिल्ली की तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गयी है लेकिन भूटान के प्रधानमंत्री डॉ. लोटे तशेरिंग ने एक प्रेस वार्ता में इसकी पुष्टि की थी.
हालांकि अब तो भारत ने भी इस दौरे की पुष्टि कर दी थी. स्थानीय रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि अगले महीने जापान के राजकुमार हिसितो भी भूटान की आधिकारिक यात्रा करेंगे हालांकि तारीख की पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है.
