नयी दिल्लीः जम्मू-कश्मीर पर बड़े आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है. सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तानी आतंकी कश्मीर में किसी बड़े हमले की योजना बना रहे हैं. इसी कारण जम्मू-कश्मीर में सेना की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गयी हैं. हालांकि अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है. मामले को लेकर रविवार को एनएसए अजित डोभाल और जम्मू-कश्मीर में काउंटर टेररिस्ट ग्रिड के अधिकारियों के बीच अहम मीटिंग हुई है.
सूत्रों का कहना है कि कश्मीर में आतंकी हमले के इनपुट के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने यह बैठक की है. बैठक में अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती को लेकर भी चर्चा की गई है. बता दें कि आतंकवादी 15 अगस्त या उसके आसपास आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं. कई बार आतंकियों ने घाटी के रास्ते देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी हमले को अंजाम देने का प्लान तैयार किया, जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम कर दिया.
घाटी में आतंकवादी गतिविधियों को देखते हुए नरेंद्र मोदी सरकार कोई जोखिम मोल लेना नहीं चाहती. गौरतलब है कि शुक्रवार को गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी किया था जिसके मुताबिक घाटी में सीआरपीएफ की 50, बीएसएफ की 10, एसएसबी की 30, आईटीबीपी की 10 कंपनियां तैनात की जाएंगी.
कश्मीर में एनआईए की कार्रवाई
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रविवार सुबह उत्तर कश्मीर के बारामुला में ताबतोड़ छापेमारी की. एनआईए ने यहां चार जगहों पर छापा मारा. सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ एनआईए ने यह छापेमारी की. हवाला नेटवर्क और पाकिस्तान से टेरर फंडिंग की साजिश में संलिप्त होने का शक में एनआईए पिछले कुछ दिनों से लगातार जम्मू-कश्मीर में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
