कर्नाटक ''संकट'': स्पीकर ने कहा - काफी विचार-विमर्श हो चुका, आज ही समाप्त करना चाहता हूं विश्वास मत प्रक्रिय

बेंगलुरूः कर्नाटक में एक पखवाड़े से चल रहा सियासी संग्राम गुरुवार को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर बहस के साथ चरम पर पहुंच गया. दिनभर चले सियासी ड्रामे के बाद गुरुवार को फ्लोर टेस्ट नहीं हो पाया. शुक्रवार को फिर कर्नाटक विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है.पढिए लेटेस्ट अपडेट… मुख्यमंत्री कुमारस्वामी को लिखी गई […]

बेंगलुरूः कर्नाटक में एक पखवाड़े से चल रहा सियासी संग्राम गुरुवार को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पर बहस के साथ चरम पर पहुंच गया. दिनभर चले सियासी ड्रामे के बाद गुरुवार को फ्लोर टेस्ट नहीं हो पाया. शुक्रवार को फिर कर्नाटक विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है.पढिए लेटेस्ट अपडेट…

मुख्यमंत्री कुमारस्वामी को लिखी गई चिट्ठी में राज्यपाल ने लिखा है कि मैं पहले ही कह चुका हूं कि आपके पास बहुमत नहीं है और आप फ्लोर टेस्ट टालने के लिए बहस को बढ़ा रहे हैं. मुझे लगातार इस तरह की रिपोर्ट्स आ रही हैं कि अभी विधायकों की खरीद-फरोक्त हो रही है. ऐसे में मेरी आपसे मांग है कि आप जल्द से जल्द विधानसभा में अपनी सरकार का बहुमत साबित करें.

इधर, विधानसभा में मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने तंज कसते हुए कहा कि मैं राज्यपाल का इज्जत करता हूं. मगर, उनके दूसरे लवलेटर से मैं काफी हर्ट हुआ हूं. कहा कि वह हमारी सरकार पर विधायकों की खरीद-फरोक्त का आरोप लगा रहे हैं. कुमारस्वामी ने बताया कि अब राज्यपाल कह रहे हैं कि होर्स ट्रेडिंग हो रही है जो विधानसभा के लिए ठीक नहीं है.

कर्नाटक में उपजे सियासी संकट पर एक बार फिर राज्यपाल वजुभाई वाला सामने आए. उन्होंने मुख्यमंत्री कुमारस्वामी को एक और चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में विश्वास मत के लिए वोट करने के लिए आज 6 बजे तक का वक्त दिया गया है. इससे पहले राज्यपाल ने दोपहर 1.30 बजे तक का वक्त दिया था, लेकिन स्पीकर ने वोटिंग नहीं करवाई.

कांग्रेस ने कर्नाटक मामले में एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने अदालत में याचिका दायर की है कि उनके पिछले आदेश से उनकी पार्टी के अधिकार का हनन हुआ है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में विधायकों को व्हिप से छूट दी थी.कर्नाटक कांग्रेस के बाद अब मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी भी दोबारा सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी को व्हिप जारी करने का अधिकार है, ऐसे में इसका पालन होना चाहिए.

लंच के बाद कर्नाटक विधानसभा की कार्यवाही फिर से शुरू हुई. इस बीच कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने बयान दिया है कि विधानसभा में बहस सोमवार तक जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि अभी भी 20 लोगों का बोलना बाकी है, ऐसे में बहस जारी रहेगी.

कर्नाटक विधानसभा में शुक्रवार को भी हंगामेदार बहस देखने को मिली. कुमारस्वामी ने कहा है कि उन्होंने कभी सीएम बनने के बारे में नहीं सोचा था, आगे उन्हें पद जाने का भी कोई डर नहीं है. उधर, विधानसभा में अभी तक फ्लोर टेस्ट नहीं हुआ है, जबकि राज्यपाल ने जो 1.30 बजे की डेडलाइन दी थी वो पार हो गई है.

वहीं स्पीकर ने साफ कर दिया है कि जबतक बहस पूरी नहीं हो जाती है तब तक वोटिंग नहीं होगी. ऐसे में बीजेपी अब दोबारा राज्यपाल के पास जा सकती है. तो वहीं स्पीकर भी उन्हें मौजूदा स्थिति को समझा सकते हैं. अभी स्पीकर ने 3 बजे तक लंच का ऐलान कर दिया है.राज्यपाल के डेडलाइन को लेकर स्पीकर रमेश कुमार ने कहा कि उनका आदेश पूरा हुआ या नहीं इसका जवाब मुख्यमंत्री ही देंगे. क्योंकि राज्यपाल का पत्र उन्हें ही भेजा गया है.

कुमारस्वामी ने भाजपा पर दल-बदल रोधी कानून को दरकिनार करने के तरीके अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने ने भाजपा से पूछा कि अगर वह अपने संख्या बल को लेकर इतनी आश्वस्त है तो उसे विश्वासमत पर चर्चा को एक ही दिन के भीतर खत्म करने की जल्दबाजी क्यों है. उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि विधायकों को 40-50 करोड़ रूपये की पेशकश की गयी, यह पैसा किसका है.

सीएम एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि 2006 में मैं बीजेपी के पास सरकार बनाने के लिए नहीं गया था. 12 साल पहले मेरा निर्णय गलत या सही भी हो सकता है. तब येदियुरप्पा ने एक चिट्ठी भेजी और कहा कि वो मुझसे मिलना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जब से कांग्रेस-जेडीएस की सरकार बनी है बीजेपी पहले दिन से इसे गिराने में लगी हुई है.

मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि बीजेपी आज बहस नहीं करना चाहती है, लेकिन बहस जरूरी है. आप ये सीट (सीएम की कुर्सी) ले सकते हैं. सरकार बनाने की कोई जल्दबाजी नहीं है, आप आज भी सरकार बना सकते हैं और सोमवार को भी. कहा कि वह अब भी भगवान से यही सवाल पूछते हैं कि उन्हें ऐसी परिस्थितियों में मुख्यमंत्री क्यों बनाया गया.

शुक्रवार को फिर कर्नाटक विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी एक बार फिर सदन को संबोधित कर रहे हैं. इस दौरान विधानसभा स्पीकर रमेश कुमार ने कहा कि मेरे चरित्र पर सवाल उठाने वाले लोग एकबार खुद को देखें कि उनका जीवन कैसा रहा है. मेरे पास दूसरों की तरह लाखों रुपये नहीं हैं, लेकिन इतने अपमान के बाद भी मैं पार्टी से ऊपर उठकर फैसला ले सकता हूं.

गुरुवार को मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने विधानसभा में विश्वासमत प्रस्ताव पेश किया और इस पर दिनभर हंगामा होता रहा. इस हंगामे के दौरान ध्यान देने वाली बात यह रही कि सदन से कांग्रेस जेडीएस के कुल 19 विधायक गायब रहे.

शाम साढ़े छह बजे विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई को शुक्रवार तक स्थगित कर दिया. जैसे ही स्पीकर ने सदन स्थगन की घोषणा की तो भाजपा विधायक भड़क गए और उन्होंने विधानसभा में ही धरना दे दिया और रात गुजारने का ऐलान कर दिया. इन सबके बीच कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने बड़ा फैसला करते हुए मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी से विधानसभा में शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे से पहले बहुमत साबित करने को कहा है.
अब नजरें विधानसभा अध्‍यक्ष पर हैं कि वह आज भी शक्ति परीक्षण कराते हैं या नहीं. अगर विश्वास मत पर वोटिंग को टाला जाता रहा तो फिर बीजेपी अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है. अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने के लिए स्पीकर 14 दिन का समय ले सकते हैं. इधर, अगर आज भी स्पीकर इस्तीफों या फिर अयोग्यता पर फैसले नहीं लेते हैं. या फिर सदन में फ्लोर टेस्ट नहीं होता है तो ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि कांग्रेस-बीजेपी दोनों ही दोबारा सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं.
कर्नाटक में भाजपा विधायक पूरी रात विधानसभा में रहे. सुबह होने के बाद विधायक मॉर्निंग वॉक की सैर के लिए भी निकले. सभी विधायक फ्लोर टेस्ट की अपनी मांग को लेकर रातभर विधानसभा में धरने पर रहे थे. कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने सीएम को पत्र लिखकर सदन के पटल पर आज दोपहर 01:30 बजे तक बहुमत साबित करने को कहा है.

कुमारस्वामी की कैबिनेट के मंत्री और कांग्रेस नेता डी के शिवकुमार ने मुख्यमंत्री को राज्यपाल का पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि अध्यक्ष सदन का संचालन कर रहे हैं. ऐसे समय में जब राज्यपाल के कार्यालय के जरिए भाजपा मित्र दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें विधायकों को चर्चा करने का अवसर देना होगा.

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