राजस्थान हाईकोर्ट की नयी पहल, जजों को न कहा जाए ''माय लॉर्ड'' और ''योर लॉर्डशिप''

जयपुरः अदालतों में अक्सर न्यायाधीशों के लिए उनके संबोधन में माय लॉर्ड और योर लॉर्डशिप जैसे शब्दों का इस्तेमाल होता है. मगर राजस्थान हाईकोर्ट ने अब ऐसे संबोधन पर रोक लगाने की वकालत की है. राजस्थान हाईकोर्ट ने एक नोटिस जारी किया है और कहा है कि कोर्ट के सामने पेश होने वाले लोगों को […]

जयपुरः अदालतों में अक्सर न्यायाधीशों के लिए उनके संबोधन में माय लॉर्ड और योर लॉर्डशिप जैसे शब्दों का इस्तेमाल होता है. मगर राजस्थान हाईकोर्ट ने अब ऐसे संबोधन पर रोक लगाने की वकालत की है. राजस्थान हाईकोर्ट ने एक नोटिस जारी किया है और कहा है कि कोर्ट के सामने पेश होने वाले लोगों को माय लॉर्ड और योर लॉर्डशिप जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिये.

कोर्ट ने संविधान प्रदत्त समानता के अधिकार का हवाला देत हुए कहा है कि वकीलों और कोर्ट के सामने पेश होने वाले लोगों को ऐसे संबोधनों का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए. हाई कोर्ट ने जोधपुर और जयपुर में अपनी दो पीठों के सभी न्यायाधीशों की बैठक में रविवार को जजों के लिए किए जाने वाले संबोधन के संबंध में यह फैसला लिया.

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