इंदौरः भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय अपने बेटे के बचाव में आगे आ गए हैं. उन्होंने कहा है कि हाल में जो हुआ वह कोई बड़ा मुद्दा नहीं था, लेकिन इसे बहुत बड़ा बना दिया गया. बता दें कि कैलाश विजयवर्गीय के विधायक बेटे आकाश विजयवर्गीय ने क्रिकेट बैट से नगर निगम अधिकारी की पिटायी की थी. इस मामले में आकाश को शनिवार को जमानत मिल गयी है.
सोमवार को मीडिया से बात करते हुए भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मैं पार्षद, मेयर और विभागीय मंत्री रहा हूं. हम बारिश के दौरान किसी भी आवासीय भवन को ध्वस्त नहीं करते हैं. अगर बारिश के दौरान भवन के ध्वस्त करने का आदेश आता है तो यह गलत है. अगर फिर भी भवन को ध्वस्त करना जरूरी हो तो उसे पहले वहां रहने वाले लोगों के लिए कोई आवासीय व्य्वस्था करनी चाहिए.
उनके लिए धर्मशाला जैसा कुछ बनाना चाहिए. इंदौर नगर निगम के अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया और भवन धवस्त करने पहुंच गए. उस दौरान महिला कर्मचारी और महिला पुलिस भी नदारद थी. कहा कि मुझे लगता है कि अधिकारियों को अहंकारी नहीं होना चाहिए, उन्हें जनप्रतिनिधियों से बात करनी चाहिए. मैंने इसकी कमी देखी है. दोनों को समझना चाहिए, ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो.
