शिलांगः केंद्रीय चुनाव आयोग ने नेशनल पीपुल्स पार्टी(एनपीपी) को राष्ट्रीय राजनीतिक दल का दर्जा दे दिया है. इसके साथ ही स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार पूर्वोत्तर के किसी स्थानीय पार्टी को यह दर्जा मिलने का गौरव प्राप्त हुआ है. मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा की अध्यक्षता वाली नेशनल पीपुल्स पार्टी इसके लिए सभी जरूरी अहर्ताएं पूरी कर ली थी. एनपीपी केंद्र में सत्तारुढ़ एनडीए का सहयोगी दल है. हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में एनपीपी ने अरुणाचल प्रदेश में पांच सीटें जीती थी. 60 सीटों में से 21 सीटों के साथ एनपीपी मेघालय की सबसे बड़ी पार्टी है.
एनपीपी की मणीपुर और नागालैंड में भी एमएलए हैं. पार्टी का राष्ट्रीय चिन्ह किताब है. एनपीपी की स्थापना पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा ने 2013 में की थी. उन्होंने 2012 में कांग्रेस से अलग होकर पार्टी की स्थापना की थी. राजस्थान के किरोड़मल मीणा भी संगमा के साथ एनपीपी के सहसंस्थापक हैं. 2013 के राजस्थान के विधानसभा चुनाव में एनपीपी ने चार सीटों पर जीत दर्ज की थी.
चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, अगर कोई पार्टी चार राज्यों में राज्य स्तरीय पार्टी की मान्यता रखता है तो राष्ट्रीय राजनीतिक दल की मान्यता रखने के लिए सभी आवश्यक शर्तें भी पूरी करती है. वर्तमान में कुल सात राजनीतिक दलों को राष्ट्रीय दर्जा प्राप्त था.
