नयी दिल्ली : 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस ने अपना सबसे बड़ा चुनावी दांव चला है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी वॉड्रा को पार्टी महासचिव बनाने के साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया है. यह पद पार्टी अध्यक्ष के बाद सबसे ताकतवर माना जाता है. इसके साथ ही प्रियंका की राजनीति में औपचारिक एंट्री हो गयी है, जिसकी मांग कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता लंबे समय से करते रहे हैं. वह फरवरी के पहले सप्ताह में प्रभार संभालेंगी.
इस खबर के इतर एक और ऐसी खबर है जिसने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया है. खबरें यह आ रहीं हैं कि कांग्रेस प्रियंका को मोदी के खिलाफ वाराणसी से मैदान में उतार सकती है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल के एक ट्वीट से इस अटकल को हवा मिली है. 2014 में मोदी के खिलाफ कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय ने इसके लिए राहुल गांधी को प्रस्ताव भेजने की बात कही है.
कपिल सिब्बल ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि मोदी जी और अमित शाह ने कहा था, कांग्रेस मुक्त भारत! अब प्रियंका गांधी की उत्तर प्रदेश (पूर्वी) में आने के बाद हम देखेंगे… मुक्त वाराणसी? … मुक्त गोरखपुर?’ राजनीतिक गलियारों में ऐसी अटकलें तेज हो गयी है कि प्रियंका को पूर्वी यूपी की किसी सीट से उतारा जा सकता है. ऐसी भी चर्चा है कि प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ मुकाबले में उन्हें वाराणसी से कांग्रेय अपना चेहरा बनाने पर विचार कर सकती है.
यहां चर्चा कर दें कि कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी महासचिव नियुक्त किया गया है और उन्हें पश्चिम उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया है. इस तरह यूपी की 80 सीटों की जिम्मेदारी सिंधिया और प्रियंका के कंधों पर मोटे तौर पर आधी-आधी बांटी गयी है.
