मोदी सरकार बनते ही सरकारी बाबुओं की ऐश खत्म हो गयी. दिल्ली जिमखाना में लंच, गोल्फ कोर्स की हरी घास पर चहलकदमी, इंडिया हैबिटाट सेंटर, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर जाना बंद हो गया है. बाबुओं को वक्त पर ऑफिस आना और देर तक काम करना पड़ता है. कभी-कभी छुट्टी भी कुर्बान हो जाती है.200 नौकरशाह दिल्ली गोल्फ क्लब के सदस्य हैं. कामकाजी दिनों में कई अधिकारी यहां दोपहर में गोल्फ खेलते थे. अब यहां नहीं दिखते.
रक्षा मंत्रालय के दिल्ली ऑफिस में पिछले हफ्ते कर्मचारियों से एक नोटिस पर साइन कराया गया. इसमें सुबह नौ बजे दफ्तर आने या अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया था. नतीजा, नियमित तौर पर देर से आनेवाले बाबू समय पर आने लगे हैं. ब्यूरोक्रेट्स को केंद्रीय सचिवालय सरकारी ऑफिस कॉम्प्लेक्स ले जानेवाले बस के ड्राइवर राकेश तोमर को बस की टाइमिंग बदलने को कहा गया है. तोमर ने बताया, पहले मैं बस स्टॉप पर इंतजार करता था. अब वे लोग मेरा इंतजार कर रहे होते हैं. हाउसिंग मिनिस्ट्री में 15 मिनट से ज्यादा लेट हों, तो वरिष्ठ अधिकारी को इसकी सूचना देनी पड़ती है. अटेंडेंस पर बायोमीट्रिक स्कैनर्स नजर रखते हैं.
मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने हाल में ऑफिस मीटिंग के दौरान उस वक्त एक अफसर की खिंचाई कर दी, जब इस शख्स को बातचीत के दौरान अपना सेल फोन ढूंढ़ते पाया गया. पीएमओ में कई वरिष्ठ अधिकारी लंबे समय तक काम कर रहे हैं. ये सुबह आठ बजे दफ्तर आते हैं, देर तक रु कते हैं. एक अफसर ने बताया, खुद के लिए बिल्कुल वक्त नहीं मिल रहा. फिर भी काम बचे हैं. एक और अधिकारी ने कहा कि ऑफिस में व्यस्तता के कारण पत्नी को पानी के संकट से खुद निबटना पड़ता है.
