गर्वनर बदलने की राजनीति में भाजपा भी शामिल

-इंटरनेट डेस्क- नयी दिल्ली : केंद्र में जब भी कोई नयी सरकार बनती है, तो पुरानी सरकार द्वारा बनाये गये राज्यपालों को बदला जाता है. यही कारण है कि मोदी सरकार ने भी कुछ राज्यों के राज्यपालों से इस्तीफा मांगा. उनमें से कुछ राज्यपालों ने आज इस्तीफा दे दिया, जिनमें उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बीएल […]

-इंटरनेट डेस्क-

नयी दिल्ली : केंद्र में जब भी कोई नयी सरकार बनती है, तो पुरानी सरकार द्वारा बनाये गये राज्यपालों को बदला जाता है. यही कारण है कि मोदी सरकार ने भी कुछ राज्यों के राज्यपालों से इस्तीफा मांगा. उनमें से कुछ राज्यपालों ने आज इस्तीफा दे दिया, जिनमें उत्तर प्रदेश के राज्यपाल बीएल जोशी शामिल हैं. असम और कर्नाटक के राज्यपालों के भी इस्तीफे की खबरें आ रहीं हैं, लेकिन अभी तक इनकी पुष्टि नहीं हो पायी है.

राजस्थान की राज्यपाल मारर्गेट अल्वा ने भी आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है और वे राष्ट्रपति से भी मिलेंगी. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बंगाल के राज्यपाल एमके नारायणन और अल्वा आज शाम तक इस्तीफा दे सकते हैं. केरल की राज्यपाल और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित से भी इस्तीफा मांगा गया है, लेकिन उन्होंने इस संबंध में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है.

इस मुद्दे पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर मैं इनकी जगह होता तो कब का इस्तीफा दे देता. लेकिन अगर ये राज्यपाल इस्तीफा नहीं देंगे, तो हमें इन्हें बर्खास्त करना होगा. इस मुद्दे पर कांग्रेस ने कहा है कि आखिर क्यों सरकार इन गवर्नर को बदलना चाहती है. आखिर इन गवर्नर के पद पर बने रहने से सरकार को क्या परेशानी है. गौरतलब है कि वर्ष 2004 में जब कांग्रेस की सरकार सत्ता में आयी थी और उसने भाजपा द्वारा नियुक्त राज्यपालों को बदलना शुरू किया था, तो काफी हंगामा हुआ था और भाजपा कोर्ट तक चली गयी थी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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